Bihar Weather Forecast Update 2025: ठिठुरते बिहार पर कोहरे ने किया कब्जा, पारा गिरने से बढ़ी कनकनी
Bihar Weather Forecast Update 2025: बिहार के आसमान पर कोहरे और बर्फीली हवाओं ने ऐसा डेरा जमाया है कि प्रदेशवासियों को फिलहाल ठंड से राहत मिलती नहीं दिख रही है। कनकनी का आलम यह है कि दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर लगातार सिमटता जा रहा है, जिससे ठिठुरन असहनीय हो गई है। औरंगाबाद से लेकर बांका और राजधानी पटना से लेकर नालंदा तक, (Winter Chill in Bihar) का असर हर जिले में महसूस किया जा रहा है। कड़ाके की इस ठंड ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि लोगों की दिनचर्या को भी घरों के भीतर सीमित कर दिया है।

कोहरे का ‘ब्लैकआउट’ और यातायात व्यवस्था चरमराई
घने कोहरे के कारण बिहार की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। सड़क, रेल और हवाई मार्ग पर कोहरे की चादर ने ब्रेक लगा दिया है। पटना आने वाली राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति और पटना-कोटा एक्सप्रेस जैसी (Train Delay News) ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इतना ही नहीं, खराब विजिबिलिटी के चलते पिछले 24 घंटों में दो महत्वपूर्ण विमानों को रद्द करना पड़ा। गया जैसे जिलों में तो दृश्यता (Visibility) मात्र 50 मीटर तक रह गई है, जिससे वाहन चालकों के लिए सड़कों पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
नौनिहालों की सुरक्षा के लिए कई जिलों में स्कूल बंद
बढ़ती ठंड और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। खराब मौसम और शीतलहर के खतरे को देखते हुए गोपालगंज, अररिया, सीवान, सारण, भोजपुर और सीतामढ़ी जैसे जिलों में (School Holiday Announcement) कर दी गई है। इन जिलों में आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को फिलहाल बंद रखने का आदेश दिया गया है। अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि सुबह के समय घने कोहरे और कनकनी में बच्चों का स्कूल जाना काफी जोखिम भरा साबित हो रहा था।
अगले चार दिनों तक पारे में और आएगी गिरावट
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान (Bihar Weather Forecast Update) ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले चार दिनों तक मौसम के मिजाज में कोई खास सुधार नहीं होगा। न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है। पटना में आज यानी 22 दिसंबर को (Temperature Dipping) की स्थिति ऐसी है कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच केवल 3 डिग्री का ही फासला बचा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 और 26 दिसंबर को पारा गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे ठंड और घातक होगी।
गया बना बिहार का ‘कोल्ड चैंबर’
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार का गया जिला सबसे ठंडा दर्ज किया गया है। गया में न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिसने राज्य के अन्य हिस्सों को पीछे छोड़ दिया। (Lowest Temperature Recorded) के मामले में किशनगंज थोड़ा राहत में रहा जहां अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री रहा, लेकिन बाकी जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। पश्चिमी और मध्य बिहार के जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो कड़ाके की ठंड का स्पष्ट संकेत है।
‘शीत दिवस’ का अलर्ट और मौसम का शुष्क मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार, 22 दिसंबर को बिहार के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में ‘शीत दिवस’ (Cold Day Situation) जैसी स्थिति बनी रह सकती है। गया, नालंदा, अरवल और जहानाबाद में विशेष रूप से शीत दिवस की आशंका जताई गई है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे सीतामढ़ी और शिवहर में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। हालांकि, अगले सात दिनों तक प्रदेश में बारिश के कोई आसार नहीं हैं और (Dry Weather Conditions) बनी रहेगी, लेकिन बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का अहसास कहीं अधिक होगा।
क्रिसमस के जश्न पर कोहरे का साया
क्रिसमस और आने वाले त्योहारों के सीजन में इस तरह का मौसम पर्यटन और व्यापार पर भी असर डाल रहा है। 23 दिसंबर को उत्तर और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ स्थानों पर (Dense Fog Warning) जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 से 5 दिनों तक न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहेगा, जिससे कोहरे का असर सुबह के समय और भी घना हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्म कपड़ों का पूरा ध्यान रखें और बेहद जरूरी होने पर ही सुबह के समय यात्रा करें।
जनजीवन और प्रशासन की तैयारी
बढ़ती ठंड को देखते हुए बिहार के विभिन्न शहरों में रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। (Winter Safety Measures) के तहत नगर निगमों को प्रमुख चौराहों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में भी ठंड से होने वाली बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। फिलहाल, बिहार के लोगों को इस कड़ाके की ठंड और कोहरे के सितम के बीच खुद को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।



