Operation Sindoor India Pakistan Tension: उप-प्रधानमंत्री इशाक डार का बड़ा कबूलनामा, ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 80 ड्रोन्स ने नूर खान एयरबेस को किया था तहस-नहस…
Operation Sindoor India Pakistan Tension: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की धमक आज भी पाकिस्तान के गलियारों में सुनाई दे रही है। महीनों बाद अब पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने उस खौफनाक मंजर की हकीकत दुनिया के सामने स्वीकार की है। डार ने सार्वजनिक रूप से माना कि (Indian Air Force Strike) के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस को अपना निशाना बनाया था। यह कबूलनामा साबित करता है कि भारत की सैन्य कार्रवाई इतनी सटीक और आक्रामक थी कि पाकिस्तान का रक्षा तंत्र पूरी तरह बौना साबित हो गया। भारत के इस कड़े रुख ने पड़ोसी मुल्क को यह संदेश दे दिया है कि आतंक की हर हिमाकत का जवाब अब उसके घर में घुसकर दिया जाएगा।

36 घंटे का वो तांडव और 80 ड्रोन्स का हमला
इशाक डार ने हमलों की भयावहता बताते हुए जानकारी दी कि भारतीय सेना ने केवल डेढ़ दिन यानी 36 घंटों के भीतर एक के बाद एक 80 ड्रोन हमलों से पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया था। हालांकि डार ने दावा किया कि (Drone Warfare in South Asia) के इस दौर में उन्होंने अधिकतर ड्रोन्स को रोक लिया था, लेकिन 10 मई की सुबह नूर खान एयरबेस पर हुआ सीधा प्रहार पाकिस्तान की सारी सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल गया। यह हमला इतना रणनीतिक था कि पाकिस्तान को संभलने तक का मौका नहीं मिला। भारतीय ड्रोन्स ने आतंकी बुनियादी ढांचों के साथ-साथ पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भी भारी नुकसान पहुँचाया, जिसकी यादें आज भी इस्लामाबाद को डरा रही हैं।
अमेरिका और सऊदी अरब की मध्यस्थता का सच
मई के उस भीषण संघर्ष के दौरान जब दोनों देश युद्ध के मुहाने पर खड़े थे, तब वैश्विक शक्तियों ने दखल देना शुरू किया। इशाक डार ने खुलासा किया कि इस्लामाबाद ने खुद किसी से मदद नहीं मांगी थी, लेकिन (International Diplomatic Mediation) के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने खुद आगे बढ़कर नई दिल्ली से बात करने की इच्छा जताई थी। यह दर्शाता है कि भारत की आक्रामकता से दुनिया इस कदर चिंतित थी कि उसे परमाणु संपन्न देशों के बीच महायुद्ध की आहट सुनाई देने लगी थी। भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक आतंक के ठिकाने जमींदोज नहीं होंगे, तब तक सैन्य कार्रवाई नहीं रुकेगी।
7 मई: जब भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन सिंदूर’
यह पूरी सैन्य कार्रवाई पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले का प्रतिशोध थी। भारत ने 7 मई को आधिकारिक तौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया, जिसका एकमात्र उद्देश्य पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK Terrorist Camps) में पल रहे आतंकियों का सफाया करना था। चार दिनों तक चली इस जबरदस्त झड़प ने पाकिस्तानी सेना के पसीने छुड़ा दिए थे। भारत के इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकियों के लॉन्च पैड्स को तबाह किया, बल्कि पाकिस्तान की सीमा सुरक्षा को भी पूरी तरह भेद दिया। 10 मई को जब दोनों देशों के बीच कार्रवाई रोकने की सहमति बनी, तब तक भारत अपना लक्ष्य पूरा कर चुका था।
फोन कॉल और सीजफायर की वो सुबह
इशाक डार के मुताबिक, 10 मई की सुबह करीब 8.17 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का उनके पास फोन आया। रुबियो ने पाकिस्तान को सूचित किया कि (India Pakistan Ceasefire Agreement) के लिए भारत तैयार है और पूछा कि क्या पाकिस्तान इसके लिए राजी होगा। डार ने जवाब दिया कि पाकिस्तान कभी युद्ध नहीं चाहता था। इसके तुरंत बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने भी संपर्क किया और भारत से बातचीत के माध्यम से शांति बहाली की पुष्टि की। यह फोन कॉल उस दबाव का नतीजा थे, जो भारत ने अपनी सैन्य ताकत के जरिए पाकिस्तान और पूरी दुनिया पर बनाया था।
बिना सबूत के सात भारतीय जेट गिराने का दावा
अपनी किरकिरी बचाने के लिए इशाक डार ने एक हास्यास्पद दावा भी किया कि 7 मई की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान ने सात भारतीय जेट विमानों को मार गिराया था। हालांकि, हमेशा की तरह इस बार भी (Unverified Military Claims) के पीछे पाकिस्तान कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों ने इसे पाकिस्तान की प्रोपेगेंडा मशीनरी का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद अपनी जनता के सामने सेना की गिरती छवि को बचाना है। हकीकत यह है कि भारत के रडार और मिसाइल सिस्टम के सामने पाकिस्तानी एयरफोर्स रक्षात्मक मुद्रा में ही बनी रही और अपने एयरबेस को बचाने में भी नाकाम रही।
बंकर में छिपे पाकिस्तानी हुक्मरान और युद्ध का डर
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में किस कदर डर का माहौल था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां के राष्ट्रपति को बंकर में छिपने तक की सलाह दी गई थी। (Cross Border Escalation Risks) के चलते पाकिस्तानी लीडरशिप को लग रहा था कि भारत कभी भी इस्लामाबाद पर सीधा हमला बोल सकता है। डार ने दोहराया कि क्षेत्र में स्थायी शांति केवल जम्मू-कश्मीर विवाद के समाधान से ही संभव है, लेकिन भारत का रुख अब साफ है कि बातचीत केवल आतंक मुक्त माहौल में ही होगी। पाकिस्तान की कंगाली और भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति ने संतुलन को पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका दिया है।
भविष्य की कूटनीति और भारत का कड़ा संदेश
2025 की अपनी डिप्लोमैटिक गतिविधियों का ब्योरा देते हुए डार ने यह संकेत दिया कि पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग पड़ रहा है। भारत की (Global Counter Terrorism Policy) ने पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह मिसाल कायम की है कि भारत अब केवल कड़े शब्दों में निंदा नहीं करेगा, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर हिसाब बराबर करेगा। पाकिस्तान अब तक उस सदमे से उबर नहीं पाया है और डार के ये ताजा खुलासे उसी हताशा और सच्चाई का मिला-जुला रूप हैं जो अंततः भारत की जीत पर मुहर लगाते हैं।