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Pakistan Schedule 4 Terrorist List: पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा को पाकिस्तान ने घोषित किया ‘आतंकवादी’

Pakistan Schedule 4 Terrorist List: पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने एक बेहद चौंकाने वाले फैसले में पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर (रिटायर्ड) आदिल राजा को आधिकारिक तौर पर ‘आतंकवादी’ घोषित कर दिया है। सरकार ने उन्हें आतंक-रोधी अधिनियम की अनुसूची 4 के तहत सूचीबद्ध किया है, जिसके बाद रक्षा और राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। (Pakistan Anti Terrorism Act) के दायरे में किसी पूर्व सैन्य अधिकारी को लाना यह दर्शाता है कि सत्ता और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच विरोध की खाई कितनी गहरी हो चुकी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है।

Pakistan Schedule 4 Terrorist List
Pakistan Schedule 4 Terrorist List

आदिल राजा का पलटवार और दमन के आरोप

मेजर (रिटायर्ड) आदिल राजा ने सरकार के इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘ट्रांसनेशनल दमन’ की कार्रवाई बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह सब उन्हें चुप कराने की एक सोची-समझी साजिश है। राजा के अनुसार (Transnational Repression Campaign) के जरिए पाकिस्तानी सरकार विदेशों में बैठे अपने आलोचकों को निशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि वे लगातार सैन्य प्रतिष्ठान की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं, इसलिए उन्हें इस तरह के गंभीर आरोपों में फंसाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

ब्रिटेन से प्रत्यर्पण की नाकाम कोशिशें

आदिल राजा का दावा है कि पाकिस्तान सरकार ने पहले ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण के लिए कई कानूनी प्रयास किए थे, लेकिन वहां की अदालतों में उन्हें सफलता नहीं मिली। जब प्रत्यर्पण की (International Extradition Process) विफल हो गई, तब सरकार ने उन्हें आतंकवादी घोषित करने का रास्ता चुना। राजा ने इसे एक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए कहा कि उनके पत्रकारिता कार्य और सत्ता के खिलाफ उठाई गई आवाज को दबाने के लिए यह अंतिम हथियार अपनाया गया है। उनका तर्क है कि किसी भी आपराधिक कृत्य के बिना उन्हें इस सूची में डालना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।

परिवार पर हमला और मानसिक उत्पीड़न

आतंकवादी घोषित किए जाने के साथ-साथ आदिल राजा ने एक और गंभीर आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान में स्थित उनके पुश्तैनी घर पर हमला करवाया है। उनके अनुसार, यह (Targeting Critics Families) की एक घिनौनी रणनीति है ताकि विदेशों में रहने वाले लोग अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर डर जाएं और सरकार के खिलाफ बोलना बंद कर दें। उन्होंने इसे सैन्य संस्था द्वारा चलाए जा रहे एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा बताया, जिसका एकमात्र उद्देश्य असहमति की हर आवाज को कुचलना और भय का माहौल पैदा करना है।

तानाशाही के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प

खुद को आतंकवादी घोषित किए जाने के फैसले को सिरे से खारिज करते हुए आदिल राजा ने कहा कि यह उनके विरोध का ही प्रमाण है कि सरकार उनसे डरी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि (Freedom of Speech Activism) के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कम नहीं होगी। उन्होंने बलूच कार्यकर्ता महरंग बलूच और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की। राजा का मानना है कि पाकिस्तान में इस समय अघोषित तानाशाही का दौर चल रहा है, जहां हर उस व्यक्ति को देशद्रोही या आतंकी करार दिया जा रहा है जो व्यवस्था पर सवाल उठाता है।

लंदन स्थित घर में रहस्यमयी चोरी और ब्रिटिश पुलिस की जांच

यह पूरा घटनाक्रम तब और संदिग्ध हो गया जब लंदन के बाहरी इलाके में स्थित आदिल राजा के घर में हाल ही में चोरी की वारदात हुई। राजा के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने उनके घर में घुसकर उसे पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था, जिसे वे एक टार्गेटेड हमला मान रहे हैं। (Metropolitan Police Investigation) के तहत इस मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। राजा ने इस घटना को ब्रिटेन में बढ़ते उन हमलों से जोड़ा है, जो विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी असंतुष्टों को डराने के लिए किए जा रहे हैं।

शहजाद अकबर पर हमले से जुड़ते तार

आदिल राजा ने लंदन की इस घटना की तुलना कैम्ब्रिज में पूर्व पाकिस्तानी मंत्री शहजाद अकबर पर हुए हालिया हमले से की है। उन्होंने कहा कि यह महज इत्तेफाक नहीं हो सकता कि एक के बाद एक (Exiled Pakistani Dissidents) को निशाना बनाया जा रहा है। इन घटनाओं के पीछे वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों का हाथ होने का अंदेशा जता रहे हैं। उनका कहना है कि विदेशी धरती पर इस तरह की गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और ब्रिटिश सरकार को अपनी जमीन पर हो रहे इस ‘विदेशी हस्तक्षेप’ को गंभीरता से लेना चाहिए।

सरकारी खामोशी और भविष्य की कानूनी लड़ाई

हालांकि आदिल राजा ने इतने गंभीर दावे किए हैं, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया नहीं आई है। (Pakistan Government Official Statement) का इंतजार किया जा रहा है कि आखिर किन ठोस सबूतों के आधार पर एक पूर्व मेजर को आतंकवादी घोषित किया गया है। आने वाले दिनों में यह मामला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों पर उठ सकता है। आदिल राजा अब ब्रिटिश सरकार और मानवाधिकार संगठनों के माध्यम से इस ‘आतंकवादी’ टैग को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे यह मामला और भी पेचीदा होने की संभावना है।

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