Bihar Winter Forecast 2026: क्या बर्फ की चादर में दब जाएगा बिहार, जानें अगले 48 घंटों का खौफनाक मंजर…
Bihar Winter Forecast 2026: बिहार में कड़ाके की ठंड ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है और फिलहाल इस भीषण सितम से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य में पारा अभी और नीचे लुढ़केगा, जिससे ठिठुरन असहनीय हो जाएगी। अगले 48 घंटों के भीतर (Minimum Temperature Drop) की स्थिति ऐसी बनेगी कि तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। पछुआ हवाओं के सीधे प्रहार ने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

17 जिलों में कोहरे का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी
शनिवार को मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। मधुबनी, किशनगंज, छपरा और औरंगाबाद समेत कुल 17 जिलों में (Dense Fog Orange Alert) लागू किया गया है, जहां दृश्यता बेहद कम रहने वाली है। पटना समेत अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। कोहरे की घनी चादर के कारण न केवल सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि रेल और हवाई सेवाओं पर भी इसका व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
पछुआ हवाओं ने बढ़ाई कनकनी
बिहार में वर्तमान में चल रही सर्द पछुआ हवाओं ने हाड़ कंपाने वाली ठंड पैदा कर दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में (Severe Cold Wave Conditions) जैसे हालात पूरे प्रदेश में बने रहेंगे। शनिवार से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री और रविवार से अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने का अनुमान है। तापमान में आ रही यह गिरावट शरीर में कनकनी पैदा करने वाली है, जिससे बचने के लिए प्रशासन ने अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।
21 जिलों में पारा 10 डिग्री के नीचे पहुंचा
शुक्रवार का दिन बिहार के लिए काफी ठंडा रहा, जहां 21 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के मार्क से नीचे चला गया। सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल और अररिया जैसे सीमावर्ती जिलों में (Regional Weather Variability) के कारण ठंड का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है। राज्य के पश्चिमी और दक्षिण-मध्य हिस्सों में भी एक-दो स्थानों पर बहुत घना कोहरा छाए रहने की आशंका है। रात के समय तापमान गिरने से पाला पड़ने की भी संभावना बढ़ गई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
गयाजी में सीजन की पहली ‘जीरो विजिबिलिटी’
आध्यात्मिक नगरी गयाजी में ठंड ने इस सीजन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार सुबह गयाजी में बहुत अधिक घना कोहरा छाया रहा और इस सीजन में पहली बार (Zero Visibility Records) दर्ज की गई, जहां दृश्यता शून्य मीटर तक पहुंच गई थी। पटना सहित प्रदेश के ज्यादातर प्रमुख शहरों में सुबह के समय कोहरे का गहरा प्रभाव देखा गया। हालांकि, दोपहर के बाद हल्की धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन शाम होते ही बर्फीली हवाओं ने फिर से अपना घेरा कड़ा कर लिया।
स्कूल बंदी और प्रशासन की मुस्तैदी
भीषण ठंड और शीतलहर को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए (Public Safety Measures) के तहत यह कदम उठाया गया है। राजधानी में शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और नगर निगम द्वारा विभिन्न चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने और केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
सहरसा और किशनगंज के बीच तापमान का अंतर
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को सहरसा का अगवानपुर इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान महज 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर, (Temperature Range Statistics) के अनुसार किशनगंज में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 16 से 20 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि जब तक पछुआ हवाओं का प्रभाव कम नहीं होता, तब तक तापमान में सुधार की संभावना काफी कम है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की विशेष सलाह
लगातार गिरते तापमान और घने कुहासे ने रबी की फसलों पर संकट पैदा कर दिया है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को (Agricultural Impact Analysis) को ध्यान में रखते हुए फसलों की हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है ताकि पाले के असर को कम किया जा सके। आलू और दलहनी फसलों में रोग लगने की आशंका को देखते हुए नियमित निगरानी की जरूरत है। आने वाला एक सप्ताह बिहार के लिए मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है, जिसमें बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।



