झारखण्ड

Ranchi Sarita Murder Case Update: शादी का दबाव बना तो प्रेमी बना जल्लाद, प्रेमिका को कार में पिलाई शराब और फिर नदी में फेंक दी लाश

Ranchi Sarita Murder Case Update: झारखंड की राजधानी रांची में प्रेम और विश्वास के रिश्ते का एक ऐसा खौफनाक अंत हुआ जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। नगड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली सरिता कुमारी की बेरहमी से हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने उसके प्रेमी पीयूष कच्छप को गिरफ्तार कर लिया है। (Ranchi Crime News Today) के गलियारों में इस घटना की चर्चा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि आरोपी ने बेहद शातिराना तरीके से अपनी प्रेमिका को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। रविवार को आरोपी को जेल भेज दिया गया, लेकिन इस वारदात ने समाज के सामने कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं।

Ranchi Sarita Murder Case Update
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लापता युवती और पुलिस की तफ्तीश का सफर

नगड़ी निवासी सरिता 16 दिसंबर को अचानक अपने घर से गायब हो गई थी। शुरुआत में परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर 30 दिसंबर को अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। (Criminal Investigation Process) को गति देते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच टीम ने जब तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन खंगालनी शुरू की, तो लालगुटवा निवासी पीयूष कच्छप का नाम उभर कर सामने आया। पुलिस को पता चला कि दोनों के बीच काफी लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जो इस खूनी अंजाम तक पहुँच गया।

शादी की जिद और प्रेमी का खौफनाक फैसला

पुलिस हिरासत में पीयूष ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि सरिता उस पर शादी करने का लगातार दबाव बना रही थी। पीयूष इस रिश्ते को सामाजिक मान्यता देने के मूड में नहीं था और प्रेमिका की जिद से पूरी तरह तंग आ चुका था। (Relationship Conflict Resolution) के बजाय उसने सरिता को हमेशा के लिए खामोश करने का फैसला किया। उसने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर इस हत्याकांड की पूरी पटकथा तैयार की, ताकि किसी को उस पर शक न हो और वह कानून की नजरों से बच सके।

शराब के नशे में दिया वारदात को अंजाम

साजिश के मुताबिक, पीयूष ने सरिता को दलादली के पास मिलने के लिए बुलाया और उसे अपनी कार में बैठा लिया। रास्ते में उसने सरिता को शराब पिलाई और जब वह पूरी तरह नशे में धुत हो गई, तो उसने अपनी हैवानियत दिखाई। (Forensic Evidence Collection) के दौरान पुलिस को पता चला कि नशे की हालत में बेबस सरिता का पीयूष ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसी के दुपट्टे से गला घोंट दिया। कार के भीतर ही सरिता की सांसें थम गईं और वह उस इंसान के हाथों मारी गई जिस पर उसने सबसे ज्यादा भरोसा किया था।

शव को ठिकाने लगाने का शातिराना तरीका

हत्या करने के बाद आरोपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाश को गायब करने की थी। उसने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को एक बोरे में भरा और उसे भारी पत्थरों से बांध दिया। (Swarnarekha River Search) के दौरान पुलिस को वह बोरा बीआईटी मेसरा थाना क्षेत्र के रूदिया पुल के पास नदी की गहराइयों से मिला। पत्थरों से बांधने के पीछे पीयूष की सोच यह थी कि शव कभी सतह पर नहीं आएगा और पानी के नीचे ही सड़ जाएगा, जिससे उसकी पहचान मिट जाएगी।

पुलिस को गुमराह करने की हर मुमकिन कोशिश

पीयूष ने पुलिस की जांच को भटकाने के लिए कई पैंतरे आजमाए थे। उसने सरिता की स्कूटी को धुर्वा स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास लावारिस छोड़ दिया, ताकि पुलिस को लगे कि वह कहीं और गई है। (Digital Footprint Tracking) से बचने के लिए उसने सरिता का मोबाइल फोन भी रास्ते में फेंक दिया था। उसे लगा था कि वह एक ‘परफेक्ट मर्डर’ कर चुका है, लेकिन तकनीकी जांच और कड़ाई से की गई पूछताछ ने उसके झूठ के पुलिंदे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

पुलिस की विशेष टीम को मिली बड़ी कामयाबी

नगड़ी थानेदार प्रवीण कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने शनिवार को पीयूष को धर दबोचा। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार और युवती का मोबाइल भी जब्त कर लिया है, जो इस केस में (Legal Prosecution Evidence) के तौर पर सबसे अहम कड़ी साबित होंगे। पीयूष की निशानदेही पर ही नदी से शव को निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अब उस फरार सहयोगी की तलाश में जुटी है जिसने इस जघन्य अपराध में पीयूष का साथ दिया था।

राजधानी में बढ़ते अपराध और सुरक्षा के सवाल

रांची जैसे शहर में इस तरह की घटना ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। प्रेम संबंधों में होने वाली ये हिंसा दर्शाती है कि समाज में (Social Psychological Issues) कितनी गहराई तक जड़ें जमा चुके हैं। सरिता के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलवाने का प्रयास करेंगे।

न्याय की उम्मीद और आगे की कार्रवाई

फिलहाल पीयूष कच्छप सलाखों के पीछे है और पुलिस की फाइल में इस मर्डर मिस्ट्री के लगभग सभी पन्ने खुल चुके हैं। (Police Statement Verification) के बाद अब चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। रांची पुलिस ने जिस मुस्तैदी से इस मामले को सुलझाया, उसकी सराहना हो रही है, लेकिन एक मासूम जान की कीमत पर मिला यह न्याय सरिता के परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं को रिश्तों में सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है।

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