Bihar Supaul Murder News Update: सुपौल में नशेड़ियों का नंगा नाच, बीड़ी के एक बंडल के लिए ले ली जान
Bihar Supaul Murder News Update: बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। महज एक बीड़ी के बंडल के लिए दो सनकी युवकों ने एक असहाय बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया। यह खौफनाक वारदात (Criminal Mentality in Rural Areas) सुपौल के छातापुर थाना क्षेत्र में हुई है, जहां नशे में धुत दो युवकों ने अपनी सनक को पूरा करने के लिए एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। इस घटना के बाद से पूरे लालगंज तिलाठी पंचायत में मातम और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।

सरदार टोला में रविवार की रात बरपा मौत का कहर
घटना रविवार रात करीब नौ बजे की है जब छातापुर थाना क्षेत्र के सरदार टोला में सन्नाटा पसरने लगा था। 65 वर्षीय सुगिया देवी, जो अपने पति स्व. जगदेव सरदार के निधन के बाद मेहनत-मजदूरी और अपनी छोटी सी दुकान के सहारे जीवन व्यतीत कर रही थीं, हमेशा की तरह (Violent Crimes Against Senior Citizens) अपना काम खत्म कर घर के भीतर थीं। सुगिया देवी ने रात होने के कारण अपनी दुकान बढ़ा दी थी, लेकिन उन्हें इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि मौत उनके दरवाजे पर दस्तक देने वाली है।
बीड़ी देने की जिद और नशेड़ियों का उत्पात
रात के अंधेरे में गांव के ही दो युवक, आशीष और सौरभ, सुगिया देवी की दुकान पर पहुंचे। दोनों युवक नशे की हालत में बुरी तरह धुत थे और उन्होंने बंद दुकान को जबरन खुलवाकर बीड़ी देने की मांग शुरू कर दी। बुजुर्ग महिला ने जब (Alcohol Influence and Lawlessness) विनम्रतापूर्वक कहा कि दुकान बंद हो चुकी है और अब वह सामान नहीं दे सकतीं, तो दोनों युवक आगबबूला हो गए। उनकी सनक इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए घर में घुसने का प्रयास किया और हिंसक हो उठे।
पोतों को बचाने आई दादी पर हुआ जानलेवा हमला
युवकों की बदतमीजी बढ़ती देख वृद्धा के दो पोते बीच-बचाव करने आए, लेकिन नशे में चूर आशीष और सौरभ ने उन मासूमों को भी नहीं बख्शा। दोनों ने उन बच्चों की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। अपने पोतों को पिटता देख जब (Physical Assault and Brutality) ममतामयी सुगिया देवी उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ीं, तो दरिंदों ने अपना पूरा गुस्सा उस बुजुर्ग महिला पर निकाल दिया। उन्होंने सुगिया देवी पर लात-घूंसों की बरसात कर दी और उन्हें तब तक पीटा जब तक कि वह बेसुध होकर जमीन पर नहीं गिर पड़ीं।
मौके पर ही तोड़ा दम और फरार हुए हत्यारोपी
गंभीर चोट लगने और सीने पर हुए प्रहार के कारण 65 वर्षीय सुगिया देवी ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। जैसे ही युवकों को एहसास हुआ कि महिला की मौत हो चुकी है, उनके (Accused Fleeing Crime Scene) पैरों तले जमीन खिसक गई और वे वहां से फरार हो गए। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक छोटी सी दुकान चलाने वाली बुजुर्ग महिला अब इस दुनिया में नहीं रही थी, और उनका परिवार इस अचानक हुए हमले से सदमे में है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और अधिकारियों का दौरा
वारदात की सूचना मिलते ही छातापुर थानाध्यक्ष प्रमोद झा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। सुपौल के एसपी शरथ आरएस ने (Bihar Police Investigation Process) मामले की गंभीरता को देखते हुए त्रिवेणीगंज एसडीपीओ और स्थानीय थाना प्रभारी को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी जारी
पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान के आधार पर आशीष और सौरभ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की विशेष टीमें (Police Raids and Manhunt) अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीण लगातार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और इस मामले में स्पीडी ट्रायल की मांग कर रहे हैं ताकि सुगिया देवी को जल्द न्याय मिल सके।
शराबबंदी वाले प्रदेश में नशे का नंगा नाच
यह घटना एक बार फिर बिहार में शराब और अन्य नशीले पदार्थों की उपलब्धता की ओर इशारा करती है। एक तरफ जहां प्रदेश में कड़े नियम लागू हैं, वहीं दूसरी ओर नशेड़ियों द्वारा (Social Issues in Bihar) इस तरह की जघन्य वारदातों को अंजाम देना चिंता का विषय है। महज एक बीड़ी के लिए एक मां और दादी की जान ले लेना यह दर्शाता है कि समाज में असहिष्णुता और नशे की लत किस कदर घर कर चुकी है। प्रशासन के लिए अब यह बड़ी चुनौती है कि वह ऐसे अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करे।



