Bridge Infrastructure – बिहार में पुलों और सड़कों की गुणवत्ता पर सरकार सख्त
Bridge Infrastructure – बिहार में हाल के वर्षों में पुलों और सड़क परियोजनाओं से जुड़े कई मामलों के बाद राज्य सरकार ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सड़क या पुल परियोजना में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनता को सुरक्षित, टिकाऊ और बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने पटना स्थित संकल्प सभागार में पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ राज्य में चल रही विभिन्न सड़क और पुल परियोजनाओं की प्रगति, रखरखाव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
निर्माण गुणवत्ता पर विशेष जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए ताकि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरी हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण के बाद संरचनाओं की निगरानी और रखरखाव की प्रक्रिया को मजबूत बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने सभी पुलों का समय-समय पर विशेषज्ञों से निरीक्षण कराने और सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियमित ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि समय रहते तकनीकी खामियों की पहचान होने से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
गंगा पथ परियोजना की हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में मुंगेर से भागलपुर तक प्रस्तावित फोरलेन गंगा पथ परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यों को निर्धारित समय के भीतर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना पूर्वी बिहार में यातायात व्यवस्था को मजबूत करेगी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को भी नई गति देगी। अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी चरणों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुत की रिपोर्ट
बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न सड़क और पुल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। अधिकारियों ने चल रहे निर्माण कार्यों, रखरखाव कार्यक्रमों और आगामी योजनाओं से संबंधित जानकारी साझा की। समीक्षा के दौरान परियोजनाओं की प्रगति, वित्तीय प्रबंधन और तकनीकी मानकों पर भी चर्चा हुई।
हालिया घटनाओं के बाद बढ़ी सतर्कता
बिहार में पिछले कुछ समय से पुलों और अन्य संरचनाओं से जुड़े कई मामले चर्चा में रहे हैं। विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन और निर्मित पुलों को लेकर सामने आई घटनाओं ने परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए थे। इन घटनाओं के बाद सरकार पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और निर्माण कार्यों की जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ा है।
इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार का उद्देश्य यह है कि भविष्य में सार्वजनिक अवसंरचना से जुड़े कार्य अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद बन सकें।