COVID19 – भागलपुर में मिला इस साल का पहला कोरोना संक्रमित मरीज
COVID19- बिहार के भागलपुर जिले में एक बार फिर कोविड-19 संक्रमण का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, शहर के लालूचक इलाके के 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की आरटी-पीसीआर जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। मरीज को कई दिनों से बुखार, सर्दी, खांसी, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत थी। प्रारंभिक उपचार के लिए उन्हें तिलकामांझी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) के आईसीयू में स्थानांतरित किया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि मरीज की तबीयत करीब 15 दिनों से खराब थी। परिजनों के अनुसार, इस दौरान बुजुर्ग कहीं बाहर यात्रा पर नहीं गए थे, हालांकि उनसे मिलने कुछ लोग घर आए थे। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल संक्रमण के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रहा है। सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने कहा कि विभाग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है।
मरीज की हालत में सुधार के संकेत
डॉक्टरों के मुताबिक, संक्रमित बुजुर्ग कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक पहले ही ले चुके थे। चिकित्सकों का मानना है कि टीकाकरण के कारण शरीर में बनी प्रतिरक्षा ने संक्रमण से लड़ने में मदद की। भर्ती के समय उनका ऑक्सीजन स्तर काफी कम होकर लगभग 72 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इलाज के बाद स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है। अस्पताल में दोबारा आरटी-पीसीआर जांच भी कराई जाएगी ताकि संक्रमण की स्थिति की पुष्टि की जा सके।
नए मामलों पर होगी वेरिएंट की जांच
मायागंज अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि वर्ष 2026 में जिले में सामने आया यह कोविड-19 का पहला मामला है। यदि आगे और मरीज मिलते हैं तो उनके नमूनों को वायरस के वेरिएंट की पहचान के लिए विशेषज्ञ प्रयोगशालाओं में भेजा जाएगा। अब तक कोविड-19 के दौरान डेल्टा और ओमिक्रॉन जैसे कई प्रमुख वेरिएंट सामने आ चुके हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग नए मामलों की वैज्ञानिक निगरानी पर विशेष ध्यान दे रहा है।
मरीज की रिपोर्ट मांगी गई
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन से संक्रमित मरीज की विस्तृत चिकित्सीय रिपोर्ट भी तलब की है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एच.पी. दुबे ने बताया कि मरीज की शुरुआती जांच निजी पैथोलॉजी में हुई थी, जहां संक्रमण की पुष्टि हुई। अब सरकारी अस्पताल की लैब में भी आरटी-पीसीआर परीक्षण कराया जाएगा, जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जिले में कोरोना की पुरानी यादें फिर हुईं ताजा
भागलपुर में कोविड-19 का पहला मामला वर्ष 2020 में सामने आया था। इसके बाद अप्रैल 2020 से जुलाई 2022 के बीच जिले में लगभग 29,580 लोग संक्रमण की चपेट में आए, जबकि 366 लोगों की मौत दर्ज की गई थी। बाद में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया और अगस्त 2022 तक जिले के 20 लाख से अधिक लोगों को कोविड वैक्सीन की खुराक दी गई। नए मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, लक्षण दिखने पर जांच कराने और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की है।