बिहार

Education – बिहार बोर्ड ने शुरू की मुफ्त जेईई-नीट कोचिंग योजना

Education – हर माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सपना देखता है, खासकर तब जब बात डॉक्टर या इंजीनियर बनने की हो। लेकिन अक्सर आर्थिक सीमाएं इन सपनों के रास्ते में बड़ी बाधा बन जाती हैं। महंगी कोचिंग संस्थानों की फीस कई परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल होता है। ऐसे में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा शुरू की है, जिससे प्रतिभाशाली छात्र बिना आर्थिक दबाव के अपनी तैयारी कर सकें।

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सुपर-50 बैच ने दिखाया शानदार प्रदर्शन

इस योजना की प्रभावशीलता को समझने के लिए इसके पहले के परिणाम काफी कुछ बताते हैं। बिहार बोर्ड के सुपर-50 कार्यक्रम के तहत पढ़ने वाले छात्रों ने हाल ही में जेईई मेन परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कई छात्रों ने 99 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर सीमित साधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

इन छात्रों की सफलता ने इस पहल की विश्वसनीयता को मजबूत किया है और यह संदेश दिया है कि सरकारी प्रयास भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सक्षम हो सकते हैं। इससे उन छात्रों को भी प्रेरणा मिल रही है, जो अब तक संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाते थे।

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी

इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया 23 मार्च से शुरू कर दी गई है। इसमें वे छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं जो वर्ष 2026 में दसवीं की परीक्षा देने वाले हैं। खास बात यह है कि यह अवसर केवल बिहार बोर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य बोर्डों के छात्र भी इसमें भाग ले सकते हैं।

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए निर्धारित अंतिम तिथि 5 अप्रैल रखी गई है, इसलिए इच्छुक छात्रों को समय रहते आवेदन करना जरूरी है।

आवासीय और गैर-आवासीय विकल्प उपलब्ध

छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस योजना में दो तरह की कोचिंग व्यवस्था की गई है। जो छात्र पटना में रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध है, जिसमें रहने और खाने की व्यवस्था भी शामिल है। इसके लिए नाममात्र की आवेदन फीस निर्धारित की गई है।

वहीं, जो छात्र अपने गृह जिले में रहकर तैयारी करना चाहते हैं, उनके लिए गैर-आवासीय कोचिंग पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। यह सुविधा राज्य के कई प्रमुख जिलों में उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर पढ़ाई का माहौल

इस योजना के तहत छात्रों को आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। क्लासरूम को डिजिटल संसाधनों से लैस किया गया है ताकि पढ़ाई अधिक प्रभावी हो सके। इसके अलावा, छात्रों को विशेष अध्ययन सामग्री भी दी जाएगी, जिससे उनकी तैयारी व्यवस्थित तरीके से हो सके।

पढ़ाई के साथ-साथ नियमित मूल्यांकन के लिए समय-समय पर टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। इससे छात्रों को अपनी तैयारी का आकलन करने का मौका मिलेगा और वे परीक्षा के माहौल से परिचित हो सकेंगे।

छात्र-छात्राओं के लिए अलग बैच और अतिरिक्त सहायता

इस पहल में छात्रों के लिए अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे ताकि पढ़ाई का माहौल संतुलित और सुरक्षित बना रहे। साथ ही, जिन छात्रों को किसी विषय में कठिनाई होती है, उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा, योजना के तहत छात्रों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। आवासीय और गैर-आवासीय दोनों ही प्रकार के छात्रों के लिए अलग-अलग आर्थिक प्रोत्साहन तय किए गए हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की किरण भी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

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