EducationReform – बिहार के सरकारी स्कूलों में शुरू होगी शाम की कोचिंग व्यवस्था
EducationReform – बिहार सरकार सरकारी स्कूलों की पढ़ाई को मजबूत बनाने के लिए एक नई योजना पर काम कर रही है। अब स्कूल समय समाप्त होने के बाद उन्हीं विद्यालयों में छात्रों के लिए अतिरिक्त कोचिंग कक्षाएं चलाने की तैयारी की जा रही है। इन कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अलग से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को इस पहल की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को पढ़ाई के बेहतर केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है।

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने बताया कि इस योजना को लागू करने से पहले छात्रों और अभिभावकों की राय भी ली जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता उसी स्कूल परिसर में उपलब्ध हो, जहां वे नियमित पढ़ाई करते हैं।
स्कूलों में बेहतर सुविधाओं पर जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों से भवनहीन और जर्जर स्कूलों की सूची मांगी गई है। सरकार स्कूलों की मरम्मत, फर्नीचर और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने की तैयारी कर रही है।
मुजफ्फरपुर में बेंच और डेस्क खरीद में कथित अनियमितताओं के सवाल पर मंत्री ने साफ कहा कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।
पूर्व छात्रों को स्कूलों से जोड़ने की योजना
सरकार जल्द ही ‘हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान’ नाम से एक विशेष अभियान भी शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों के पुराने छात्रों को अपने विद्यालय से दोबारा जोड़ा जाएगा। जो लोग विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर चुके हैं, उन्हें अपने स्कूल के विकास में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने पुराने स्कूल को गोद लेने की योजना बना रहे हैं। सरकार चाहती है कि पूर्व छात्र कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी की तर्ज पर स्कूलों के विकास में योगदान दें। ये लोग स्कूल की गतिविधियों की निगरानी में भी सहयोग कर सकेंगे। ऐसे योगदान देने वाले लोगों को बिहार दिवस के अवसर पर सम्मानित करने की भी योजना है।
शिकायत निवारण के लिए डिजिटल व्यवस्था
शिक्षा विभाग अब शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को भी तकनीकी रूप से मजबूत करने जा रहा है। मंत्री के मुताबिक विभाग में स्मार्ट लेटर सिस्टम लागू करने की तैयारी है, जिससे शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग की जा सकेगी और तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि एक ही विषय पर बार-बार अलग-अलग पत्र जारी करने की व्यवस्था खत्म की जाएगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो सकेगी।
निजी स्कूलों के लिए भी नई निगरानी व्यवस्था
सरकार निजी स्कूलों को जारी होने वाले एनओसी नियमों में भी बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत निजी स्कूलों की समय-समय पर निगरानी की जा सकेगी। शिक्षा विभाग यह भी चाहता है कि निजी स्कूल सामाजिक जिम्मेदारी के तहत आसपास के सरकारी विद्यालयों के विकास में सहयोग करें।
शिक्षकों के तबादले को लेकर भी जल्द नई नीति आने की संभावना जताई गई है। मंत्री ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति को तेजी से लागू करने के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। उनका कहना था कि बिहार को फिर से ज्ञान और शिक्षा का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में सरकार कई स्तरों पर योजनाएं तैयार कर रही है।