Environment – ईंधन बचत अभियान में ट्रेन और इलेक्ट्रिक कार का सहारा
Environment – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचाने की अपील के बाद अब बिहार में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार के कई मंत्री सार्वजनिक परिवहन और कम ईंधन खर्च वाले विकल्पों को अपनाकर संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। गुरुवार को बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने आधिकारिक दौरे के लिए ट्रेन से यात्रा की, जबकि नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा केवल एक इलेक्ट्रिक कार से कार्यालय पहुंचे।

सरकार से जुड़े इन कदमों को ईंधन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों मंत्रियों ने आम लोगों से भी रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे बदलाव अपनाने की अपील की है।
वंदे भारत एक्सप्रेस से गया पहुंचे मंत्री
खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी पटना जंक्शन से वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए गया रवाना हुए। उन्होंने सरकारी वाहनों के बड़े काफिले का इस्तेमाल नहीं किया और यात्रा के दौरान आम यात्रियों के बीच समय बिताया।
मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने से पेट्रोल और डीजल की बचत होती है और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
आम लोगों से जुड़ने का मिला मौका
डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि ट्रेन यात्रा के दौरान उन्हें यात्रियों से सीधे बातचीत करने और उनकी समस्याएं समझने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि ऐसी यात्राएं प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद बढ़ाने में भी मददगार होती हैं।
गया पहुंचने के बाद मंत्री स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल हुए और वापसी में भी ट्रेन के जरिए जहानाबाद होते हुए पटना लौटे। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की कोशिश जारी रहेगी।
कार पूलिंग और साइकिल उपयोग की अपील
मंत्री ने लोगों से कार पूलिंग, साइकिल और सार्वजनिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील की। उनका कहना था कि यदि छोटे स्तर पर भी लोग आदतों में बदलाव करें तो इससे बड़े स्तर पर ईंधन की बचत संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में यह पहल एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है।
इलेक्ट्रिक कार से कार्यालय पहुंचे मंत्री
उधर नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा भी गुरुवार को सिर्फ एक वाहन से अपने कार्यालय पहुंचे। खास बात यह रही कि उन्होंने इलेक्ट्रिक कार का उपयोग किया। सचिवालय पहुंचने पर यह चर्चा का विषय बन गया और कई कर्मचारियों ने इस बदलाव को नोटिस किया।
मंत्री ने कहा कि पटना में आने-जाने के लिए वह आगे भी एक ही वाहन का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि राज्य से बाहर या विशेष सुरक्षा जरूरतों के समय अतिरिक्त वाहनों का उपयोग किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री की अपील को बताया जरूरी
नीतीश मिश्रा ने कहा कि मौजूदा समय में ईंधन बचत बेहद जरूरी है और प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, यदि आम और खास दोनों लोग इस दिशा में कदम उठाएं तो इसका सकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। सरकार लगातार ऐसे विकल्पों को प्रोत्साहित करने पर काम कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण पर बढ़ रहा जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्तर पर इस तरह के कदम लोगों को जागरूक करने में प्रभावी हो सकते हैं। ईंधन की बढ़ती खपत और प्रदूषण को देखते हुए अब सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुझान बढ़ रहा है।
बिहार में मंत्रियों द्वारा अपनाए गए ये कदम पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के संदेश को आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं।