बिहार

HighwayProject – शुरू हुई पटना से सासाराम तक नए फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया

HighwayProject – बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। पटना-भोजपुर-सासाराम फोरलेन सड़क निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ समझौते के बाद निर्माण एजेंसी ने प्रारंभिक कार्य तेज कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह सड़क परियोजना राज्य में परिवहन व्यवस्था को नई गति देगी और कई जिलों के बीच आवागमन आसान बनाएगी।

patna sasaram fourlane highway project

करीब 120 किलोमीटर लंबी यह फोरलेन सड़क पटना से शुरू होकर भोजपुर होते हुए सासाराम तक जाएगी। परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी पटना से सासाराम तक की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

जमीन अधिग्रहण का काम जारी

एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल भोजपुर और सासाराम के बीच जमीन अधिग्रहण का काम शुरू किया गया है। अब तक लगभग 32 किलोमीटर क्षेत्र में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि कुल 80 प्रतिशत जमीन अधिग्रहित होने के बाद मुख्य निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।

निर्माण एजेंसी जिला प्रशासन के सहयोग से सर्वे और तकनीकी प्रक्रिया में जुटी हुई है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि जमीन अधिग्रहण पूरा होने के साथ सड़क निर्माण तेजी से आगे बढ़ेगा।

सफर का समय आधा होने की उम्मीद

वर्तमान में पटना और सासाराम के बीच यात्रा राज्य राजमार्गों के जरिए पूरी होती है, जिसमें चार घंटे या उससे अधिक समय लग जाता है। नई फोरलेन सड़क बनने के बाद यही दूरी करीब दो घंटे में पूरी की जा सकेगी।

परियोजना की डिजाइन एक्सेस कंट्रोल्ड रखी गई है, जिससे सड़क पर सीमित प्रवेश और निकास बिंदु होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार इससे यातायात अधिक व्यवस्थित रहेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस कॉरिडोर के बनने से भोजपुर, अरवल, रोहतास और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पीरो, नौबतपुर, सहार, नोखा, संझौली और हसन बाजार जैसे इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

सड़क परियोजना से पटना से बनारस और अन्य शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी नया मार्ग विकल्प मिलेगा। एनएचएआई के अनुसार यह सड़क कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को जोड़ते हुए क्षेत्रीय यातायात को मजबूत करेगी।

छह महीने की देरी से शुरू हुआ प्रोजेक्ट

अधिकारियों के मुताबिक परियोजना की शुरुआत तय समय से लगभग छह महीने बाद हो सकी। निर्माण एजेंसी को अपने देश से मंजूरी मिलने में देरी हुई, जिसके कारण अनुबंध प्रक्रिया प्रभावित हुई।

पहले लक्ष्य था कि परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा कर लिया जाए, लेकिन अब इसमें कुछ और समय लग सकता है। अनुमान है कि सड़क निर्माण का पूरा काम 2029 तक पूरा होगा।

दो चरणों में होगा निर्माण कार्य

परियोजना को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में पटना से भोजपुर तक लगभग 46 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। दूसरे चरण में आरा से सासाराम तक करीब 74 किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार होगा।

इस फोरलेन के निर्माण से बिहार के कई जिलों के बीच व्यापार, परिवहन और आवाजाही को नया आधार मिलेगा। स्थानीय लोगों और व्यापारिक समुदाय को उम्मीद है कि इससे आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

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