NewsUpdate – पटना में छात्र प्रदर्शन के बाद बढ़ा सियासी तापमान, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
NewsUpdate– नीट परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को बिहार की राजधानी पटना में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। शहर के कई प्रमुख इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, जबकि कुछ स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं की ओर से पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक दलों और विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।

छात्र असंतोष पर प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों का आक्रोश लंबे समय से बढ़ रहा था और अब वह खुलकर सामने आया है। उनके अनुसार, बिहार में पिछले कई वर्षों से भर्ती परीक्षाओं और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल रहे, जबकि परीक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा विरोध प्रदर्शन आगे और व्यापक रूप ले सकता है।
पुलिस कार्रवाई और कानून व्यवस्था
प्रदर्शन के दौरान पटना के हड़ताली मोड़, डाकबंगला चौराहा सहित कई इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन के बीच पुलिस और छात्रों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। जानकारी के अनुसार, शहर के आठ थानों की पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा बलों को भी मौके पर लगाया गया ताकि हालात सामान्य किए जा सकें।
हिंसा में कई लोग घायल
इस दौरान हुई झड़पों में दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को इलाज के लिए पटना के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुर्जी अस्पताल में सबसे अधिक सात घायल भर्ती हुए, जबकि एलएनजेपी अस्पताल, न्यू गार्डिनर अस्पताल, पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में भी घायलों का उपचार किया गया।
अस्पतालों में जारी उपचार
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में तीन घायल इलाज के लिए पहुंचे थे। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, जिन्हें सिर में चोट लगी थी। अन्य घायलों को सामान्य चोटें आई थीं और उनका उपचार किया गया। अस्पतालों में सभी घायलों की चिकित्सकीय निगरानी जारी है।
प्रशासन और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
घायलों का हाल जानने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी कुर्जी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली और घायलों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। दूसरी ओर, छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही गई है।