NHRCNotice – बेगूसराय स्कूल में शराब मिलने पर आयोग सख्त
NHRCNotice – बिहार के बेगूसराय जिले से सामने आई एक हैरान करने वाली घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सरकारी स्कूल में शौचालय के भीतर अवैध शराब छिपाकर रखी गई थी, जिसे एक छात्र ने ठंडा पेय समझकर पी लिया। मामले के उजागर होने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है।

आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, अधिकारियों को नोटिस
घटना की खबर सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि यह मामला सही पाया जाता है, तो यह एक बच्चे की सुरक्षा और उसके अधिकारों से जुड़ा गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। साथ ही रिपोर्ट में यह भी बताने को कहा गया है कि बच्चे की वर्तमान स्थिति क्या है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
स्कूल के शौचालय में छिपाई गई थी शराब
जानकारी के अनुसार यह घटना 6 अप्रैल 2026 की है, जब सिसवा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला चौथी कक्षा का छात्र शौचालय गया। वहां रखी बोतलों को उसने सामान्य पेय पदार्थ समझ लिया और उसे पी लिया। बाद में जब वह घर पहुंचा तो उसकी हालत असामान्य दिखी, जिससे परिजनों को संदेह हुआ। परिजनों की शिकायत के बाद जब पुलिस ने स्कूल परिसर की जांच की, तो शौचालय के भीतर बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई।
पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
पुलिस की तलाशी के दौरान शौचालय से करीब 204 लीटर अवैध शराब बरामद की गई, जो कई कार्टनों में रखी हुई थी। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि तस्करों ने स्कूल के एक जर्जर हिस्से को भंडारण के लिए इस्तेमाल किया। इस खुलासे के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में शराब स्कूल परिसर तक कैसे पहुंची और लंबे समय तक किसी की नजर में क्यों नहीं आई।
प्रशासन और स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि स्कूल प्रबंधन की सतर्कता पर भी सवाल खड़े किए हैं। बिहार में लागू शराबबंदी के बावजूद इस तरह का मामला सामने आना चिंताजनक माना जा रहा है। आयोग ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि बच्चों के लिए सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की लापरवाही कैसे हो सकती है। अब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मामले में आयोग के हस्तक्षेप के बाद यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार क्या कदम उठाती है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों की पहचान की कोशिश की जा रही है। वहीं, इस घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।