PawanSingh – बिहार राज्यसभा चुनाव में तेज हुई इस नाम की चर्चा
PawanSingh – भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता पवन सिंह को लेकर बिहार की राजनीति में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। राज्यसभा की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें अपने कोटे से उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनके नाम को लेकर सक्रिय बहस चल रही है।

एनडीए का संख्या बल और संभावनाएं
बिहार विधानसभा में मौजूदा आंकड़ों के आधार पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन चार सीटों पर सहज स्थिति में है। भाजपा और जनता दल यूनाइटेड अपने-अपने कोटे से दो-दो सीटें निकालने की स्थिति में हैं। पांचवीं सीट के लिए एनडीए को कुछ अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता होगी। यदि विपक्ष उम्मीदवार नहीं उतारता है तो यह सीट भी निर्विरोध जा सकती है, लेकिन मुकाबला होने की स्थिति में समीकरण बदल सकते हैं।
पवन सिंह का राजनीतिक सफर
पवन सिंह का नाम राजनीति में नया नहीं है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने काराकाट सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उनकी उम्मीदवारी ने समीकरणों को प्रभावित किया था। इससे पहले वे पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से भाजपा का टिकट लौटाने को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। बाद में उन्होंने बिहार में पार्टी के पक्ष में प्रचार किया और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात भी की।
सितंबर में उनकी केंद्रीय नेतृत्व से हुई मुलाकात के बाद यह चर्चा चली थी कि वे विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन वह संभावना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बावजूद वे चुनावी अभियान में सक्रिय रहे। अब माना जा रहा है कि पार्टी उनके राजनीतिक योगदान को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा के लिए विचार कर सकती है।
अन्य दावेदार भी मैदान में
राज्यसभा की इन सीटों को लेकर अन्य नाम भी चर्चा में हैं। भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों की दावेदारी भी सामने आ रही है। ऐसे में अंतिम निर्णय संतुलन साधने वाला हो सकता है। भाजपा के लिए यह चुनाव केवल सीट जीतने का नहीं, बल्कि गठबंधन सहयोगियों के साथ सामंजस्य बनाए रखने का भी प्रश्न है।
विपक्ष की रणनीति पर नजर
यदि विपक्ष अपनी ओर से उम्मीदवार उतारता है तो पांचवीं सीट पर मुकाबला रोचक हो सकता है। एक सीट के लिए आवश्यक विधायकों का आंकड़ा तय है और किसी भी पक्ष को अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। ऐसे में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो सकती है।
सियासी समीकरण और आगे की राह
पवन सिंह का नाम सामने आने से राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि यह साफ है कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के स्तर पर होगा। आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल बिहार की राजनीति में राज्यसभा की संभावनाओं को लेकर कयासों का दौर जारी है।



