बिहार

Saharsa – परिवार नियोजन शिविर में छेड़छाड़ के आरोप, एफआईआर दर्ज

Saharsa – बिहार के सहरसा जिले के बरियाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित परिवार नियोजन शिविर से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। 31 जनवरी को आयोजित इस शिविर में एक महिला नसबंदी प्रक्रिया के लिए पहुंची थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद उभरे आरोपों ने पूरे घटनाक्रम को विवादों के घेरे में ला दिया। पीड़िता के परिजनों ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित एक स्वास्थ्यकर्मी पर बेहोशी की हालत में महिला के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने न केवल बरियाही क्षेत्र बल्कि आसपास के इलाकों में भी चिंता पैदा कर दी है।

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Saharsa Privar Niyojn Shivir Men Chhedchhad Saharsa

ऑपरेशन के बाद का घटनाक्रम

शिविर के दौरान निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के तहत महिला का ऑपरेशन किया गया और उसके बाद उसे रिकवरी वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। परिजनों के अनुसार, इसी दौरान जब महिला बेहोशी की स्थिति में थी, तब अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डॉ. एके गुप्ता और स्वास्थ्यकर्मी अरुण ठाकुर ने कथित रूप से उसके साथ छेड़छाड़ की। परिवार का कहना है कि उन्हें यह जानकारी महिला के होश में आने और घटना बताने के बाद मिली। इसके बाद परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे और हंगामा होने के बजाय उन्होंने सीधे कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना। यह आरोप इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि घटना एक सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में हुई, जहां मरीज पूरी तरह डॉक्टरों और स्टाफ पर भरोसा करते हैं।

पीड़िता के परिजनों की शिकायत

महिला के परिवार ने बिना देरी किए बरियाही थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि यह केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि अस्पताल में आने वाली अन्य महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में लापरवाही बरती गई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और कई सामाजिक संगठनों ने पारदर्शी जांच की मांग की है।

अस्पताल प्रशासन का पक्ष

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एके गुप्ता ने उन्हें निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन ऑपरेशन के दौरान एक साथ चार महिलाओं को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया जाता है और उस समय वहां पांच एएनएम सहित कई अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहते हैं। उनके अनुसार, इतनी संख्या में स्टाफ की मौजूदगी में इस तरह की घटना का होना संभव नहीं लगता। डॉ. गुप्ता ने यह भी बताया कि उन्होंने भी इस मामले में महिला के परिजनों के खिलाफ थाने में आवेदन दिया है, ताकि तथ्यों की सही तरीके से पड़ताल हो सके। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

बरियाही थाना प्रभारी हरिश्चंद्र ठाकुर ने पुष्टि की है कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की विधि-सम्मत जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे, अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ होगी। पुलिस का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और प्रशासन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ठोस सबूतों का इंतजार कर रहा है।

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