DefenseCooperation – पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ी रक्षा सहयोग की हलचल
DefenseCooperation – दक्षिण एशिया की रणनीतिक राजनीति में एक नया घटनाक्रम चर्चा में है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग को लेकर गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान वायुसेना का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल सोमवार को ढाका पहुंचा, जहां दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान एयर फोर्स का सात सदस्यीय दल बांग्लादेश एयर फोर्स के अधिकारियों के साथ पहली बार औपचारिक “एयर स्टाफ टॉक्स” में हिस्सा ले रहा है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाना और भविष्य की संयुक्त योजनाओं पर चर्चा करना बताया जा रहा है। बैठक के दौरान पायलट ट्रेनिंग, एयर टेक्निकल सपोर्ट और रक्षा कौशल साझा करने जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं।
पायलट ट्रेनिंग पर बन सकती है सहमति
जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित समझौतों के तहत बांग्लादेशी पायलटों और तकनीकी कर्मियों को पाकिस्तान में उन्नत प्रशिक्षण देने की योजना पर विचार हो सकता है। रक्षा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संस्थागत रूप देने की दिशा में काम हो रहा है। यदि सहमति बनती है तो आने वाले समय में संयुक्त अभ्यास और तकनीकी एक्सचेंज कार्यक्रम भी शुरू किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने की दिशा में कई विकल्पों पर काम कर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान के साथ बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
JF-17 फाइटर जेट्स पर भी नजर
बैठक में JF-17 थंडर लड़ाकू विमान को लेकर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। यह फाइटर जेट चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है और इसे कम लागत वाला आधुनिक लड़ाकू विमान माना जाता है। इस वर्ष की शुरुआत में इस्लामाबाद में हुई एक रक्षा बैठक के दौरान बांग्लादेश वायुसेना प्रमुख ने इन विमानों में रुचि दिखाई थी।
अब ढाका में हो रही बातचीत को उसी प्रक्रिया की अगली कड़ी माना जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक खरीद समझौते की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञ इस दिशा में संभावनाएं देख रहे हैं।
बदलते क्षेत्रीय समीकरणों पर बढ़ी नजर
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच संपर्क तेजी से बढ़ा है। 2024 में नई राजनीतिक व्यवस्था बनने के बाद दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय दौरों और संवाद में वृद्धि देखी गई। इस दौरान कई पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचे, जिससे क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
हालांकि बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व ने भारत के साथ संबंधों को संतुलित बनाए रखने की बात भी कही है। इसके बावजूद पाकिस्तान के साथ बढ़ती रक्षा बातचीत को दक्षिण एशिया की कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में इन वार्ताओं के नतीजे क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।