बिहार

Politics News – नीतीश कुमार फिर संभालेंगे जदयू की कमान, चौथी बार बने अध्यक्ष

Politics News – बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। यह चौथा मौका है जब वे पार्टी की सर्वोच्च जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। पार्टी के गठन के बाद से ही नीतीश कुमार इसकी राजनीति के केंद्र में रहे हैं, भले ही औपचारिक रूप से वे अलग-अलग समय पर अध्यक्ष बने हों। उनके नेतृत्व में जदयू ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन संगठन की पकड़ लगातार मजबूत बनी रही।

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पार्टी गठन से ही केंद्र में रहे नीतीश

जदयू का वर्तमान स्वरूप साल 2003 में समता पार्टी के विलय के बाद सामने आया था। उस समय पार्टी की कमान वरिष्ठ नेता शरद यादव को सौंपी गई थी। हालांकि, संगठन के भीतर निर्णयों और रणनीति के स्तर पर नीतीश कुमार की भूमिका हमेशा अहम बनी रही। शरद यादव ने करीब 12 वर्षों तक अध्यक्ष पद संभाला, लेकिन 2016 में पहली बार नीतीश कुमार को यह जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद से वे समय-समय पर इस भूमिका में लौटते रहे हैं।

चुनावी मैदान में लगातार सक्रिय नेतृत्व

नीतीश कुमार के अध्यक्ष रहते जदयू ने बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में कई अहम चुनाव लड़े। इनमें विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तर के चुनाव शामिल हैं। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने भाग लिया और उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इन चुनावों के बाद जदयू ने राज्य की सत्ता में अपनी मौजूदगी बनाए रखी और संसद में भी प्रभावी भूमिका निभाई।

चुनौतीपूर्ण दौर से उभरकर हासिल की सफलता

हालांकि हर चुनाव पार्टी के लिए आसान नहीं रहा। 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू को अपेक्षा से कम, केवल 43 सीटों पर ही जीत मिली थी। इसके बावजूद राजनीतिक समीकरणों के चलते नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद संभाला। यह दौर पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण माना गया, लेकिन इसके बाद संगठन ने खुद को फिर से मजबूत किया और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ा।

2025 में बेहतर प्रदर्शन से बदली तस्वीर

2025 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने उल्लेखनीय वापसी की। पार्टी ने 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 85 पर जीत हासिल की। इस तरह करीब 85 प्रतिशत सफलता दर के साथ यह चुनाव जदयू के इतिहास में सबसे प्रभावी प्रदर्शन के रूप में दर्ज हुआ। इससे पहले 2010 में पार्टी ने 110 सीटें जीती थीं, लेकिन उस समय सफलता प्रतिशत इससे थोड़ा कम रहा था।

लोकसभा चुनावों में भी मजबूत पकड़

लोकसभा चुनावों में भी जदयू का प्रदर्शन संतुलित और प्रभावशाली रहा है। 2019 में पार्टी ने 24 सीटों पर चुनाव लड़ा और 16 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं 2024 के चुनाव में 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए, जिनमें से 12 सीटों पर सफलता मिली। इस तरह 75 प्रतिशत के आसपास का स्ट्राइक रेट पार्टी के लिए अब तक के सबसे बेहतर प्रदर्शन में शामिल रहा।

नेतृत्व और रणनीति का असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार की रणनीतिक सोच और गठबंधन प्रबंधन की क्षमता ने जदयू को लगातार प्रासंगिक बनाए रखा है। बदलते राजनीतिक परिदृश्य में भी पार्टी ने अपनी पहचान बनाए रखी और समय-समय पर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढाला। अब चौथी बार अध्यक्ष बनने के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में जदयू किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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