बिहार

RealEstateReform – बिहार में बिल्डरों के पंजीकरण नियमों में बड़ा बदलाव लागू

RealEstateReform – बिहार में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े बिल्डरों के लिए राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग ने सोमवार को घोषणा की कि अब प्रमोटर अपनी कंपनियों का निबंधन पूरे वर्ष कभी भी करा सकेंगे। इस प्रक्रिया में शुरुआत के समय किसी दस्तावेज की अनिवार्यता नहीं रखी गई है, जिससे आवेदन की शुरुआती बाधाएं कम होंगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

bihar builder registration rule change update

सालभर खुले रहेंगे पंजीकरण के विकल्प

विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने रेरा बिहार की कार्यशाला के दौरान बताया कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। पहले जहां पंजीकरण सीमित समयावधि में होता था, वहीं अब बिल्डर अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय आवेदन कर सकेंगे। इससे खासतौर पर छोटे और नए डेवलपर्स को राहत मिलने की उम्मीद है, जो जटिल प्रक्रियाओं के कारण पीछे रह जाते थे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलेगी सभी सुविधाएं

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के तहत सभी शहरी निकायों से संबंधित सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मतलब यह है कि बिल्डरों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ही डिजिटल सिस्टम के माध्यम से आवेदन, अनुमोदन और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा सकेंगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

भवन निर्माण नियमों में बदलाव की तैयारी

राज्य सरकार भवन निर्माण से जुड़े नियमों में भी बदलाव की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत 16 मीटर तक ऊंची व्यावसायिक इमारतों के नक्शे अब सूचीबद्ध आर्किटेक्ट द्वारा ही स्वीकृत किए जा सकेंगे। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है और स्वीकृति मिलने के बाद इसे जल्द लागू करने की योजना है। इससे परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

रेरा में आवेदन प्रक्रिया को बनाया गया सख्त

रेरा बिहार ने आवेदन प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने के लिए फिल्टर सिस्टम लागू किया है। रेरा अध्यक्ष विवेक कुमार के अनुसार, इससे आवेदन करते समय ही कमियों की पहचान हो सकेगी। पिछले कुछ महीनों में दस्तावेजों की कमी के कारण करीब 100 आवेदन रद्द किए गए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अनावश्यक देरी और अस्वीकृति की स्थिति से बचा जा सके।

बिल्डरों को दी जा रही काउंसलिंग सुविधा

कार्यशाला में बिल्डरों को नई प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें यह भी बताया गया कि आवेदन करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। रेरा की ओर से काउंसलिंग की सुविधा भी दी जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने यह भी माना कि कई बिल्डर इस सुविधा का लाभ नहीं उठा रहे हैं। विभाग ने बिल्डरों से अपील की है कि वे सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करें, ताकि पंजीकरण में देरी न हो।

शहरी विकास को गति देने की तैयारी

सरकार का मानना है कि इन सुधारों से राज्य में शहरी विकास को नई गति मिलेगी। नियोजित शहरीकरण और रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए कई अन्य कदम भी प्रस्तावित हैं। साथ ही, राज्य में 11 सैटेलाइट शहरों के विकास की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.