बिहार

RJD Rabri Devi Residence Controversy: राबड़ी आवास खाली करने के तरीके पर भड़की भाजपा, क्या 10 सर्कुलर रोड में छिपा है कोई खजाना…

RJD Rabri Devi Residence Controversy: बिहार की सियासत में इन दिनों पटना का 10 सर्कुलर रोड चर्चा का केंद्र बना हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के इस आवास से रात के अंधेरे में सामान शिफ्ट किए जाने की खबरों ने राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लालू परिवार पर चोरों की तरह घर खाली करने का संगीन आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो (Political Viral Videos) में कथित तौर पर राबड़ी आवास से गाड़ियों में कीमती पौधे और अन्य घरेलू सामान दूसरी जगह ले जाते हुए देखा गया है, जिसने सत्ता पक्ष को हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है।

RJD Rabri Devi Residence Controversy
RJD Rabri Devi Residence Controversy

भाजपा का हमला: क्या छिपाया जा रहा है खजाना?

भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट नीरज कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इस घर में कुछ ऐसा है जिसे दुनिया की नजरों से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से पूछा कि आखिर राबड़ी देवी रात के अंधेरे में ही मकान क्यों खाली कर रही हैं और दिन के उजाले में मीडिया से क्या छिपाना चाहती हैं। नीरज कुमार ने चुटकी लेते हुए कहा कि (Government Property Misuse) का जिस तरह से लालू परिवार में इतिहास रहा है, उसे देखते हुए यह संदेह होता है कि वहां कोई गुप्त खजाना छिपाकर रखा गया था। भाजपा का मानना है कि दिन में काम न करना इस परिवार की पुरानी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।

भ्रष्टाचार और अपराधी परिवार के तमगे के साथ घेराव

भाजपा ने लालू परिवार पर हमला तेज करते हुए उन्हें ‘भ्रष्टाचारी और अपराधी परिवार’ तक कह डाला। नीरज कुमार ने कहा कि बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के बाद जब फजीहत होने लगी, तब जाकर इसे खाली किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी याद दिलाया कि कहीं जाते-जाते (Illegal Possession Tactics) के तहत वे बंगले की टोंटियां और अन्य फिटिंग्स भी न खोल ले जाएं। भाजपा का आरोप है कि सरकारी आवास को अपनी बपौती समझना लालू परिवार की आदत बन चुकी है और अब कानून का डंडा चलने पर वे भागने की राह खोज रहे हैं।

दिल्ली और विदेश में लालू परिवार की मौजूदगी

जब पटना में यह सारा सियासी ड्रामा चल रहा है, तब लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव शहर में मौजूद नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक, लालू यादव अपनी आंखों के ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए दिल्ली में रुके हुए हैं। वहीं, तेजस्वी यादव के बारे में (Social Media Speculations) है कि वे अपनी पत्नी और बेटी के साथ विदेश यात्रा पर हैं। विधानसभा सत्र के दौरान उनकी अनुपस्थिति पर पहले ही सत्ता पक्ष ने कई सवाल खड़े किए थे और अब आवास खाली करने के तरीके ने विपक्ष को एक और मुद्दा थमा दिया है।

रामकृपाल यादव की नसीहत: कानून सबके लिए बराबर

नीतीश सरकार में भाजपा कोटे के वरिष्ठ मंत्री रामकृपाल यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि देश का कानून और नियम सबके लिए एक समान है, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो। रामकृपाल यादव ने याद दिलाया कि लालू और राबड़ी दोनों मुख्यमंत्री के पद पर रहे हैं और सरकार उन्हें (Official Residence Allocation) के नियमों के तहत सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि जब राबड़ी देवी को नया सरकारी आवास आवंटित हो चुका है, तो उन्हें मर्यादा का पालन करते हुए पुराने बंगले को सम्मानजनक तरीके से खाली कर देना चाहिए।

39 हार्डिंग रोड: राबड़ी देवी का नया ठिकाना

बिहार में सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के बाद भवन निर्माण विभाग ने नियमों के अनुसार आवासों का पुनरावंटन किया है। राबड़ी देवी, जो वर्तमान में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रही हैं, उनके लिए (Patna Harding Road Bungalow) संख्या 39 को आधिकारिक तौर पर कर्णांकित किया गया है। इसका मतलब है कि उन्हें अब 10 सर्कुलर रोड का वह बंगला छोड़ना ही होगा, जिसमें उनका परिवार पिछले दो दशकों से अधिक समय से निवास कर रहा है। यह बंगला लालू परिवार की राजनीति और सत्ता का गवाह रहा है, इसलिए इसे छोड़ने में उन्हें काफी मानसिक कठिनाई महसूस हो रही है।

आरजेडी की धमकी और सरकार का सख्त रुख

आवास खाली करने के मुद्दे पर आरजेडी का रुख काफी आक्रामक रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने कुछ दिनों पहले यहां तक कह दिया था कि वे जो करना होगा करेंगे लेकिन आवास खाली नहीं करेंगे। इस धमकी पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा था कि (Government Assets Ownership) किसी की व्यक्तिगत जागीर नहीं है। उन्होंने साफ कर दिया था कि नियम न मानने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती से पेश आएगी। इसी दबाव और कानूनी पेचीदगियों के कारण अब चुपचाप सामान हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

दो दशक पुरानी विरासत का अंत

10 सर्कुलर रोड का बंगला केवल एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का एक ऐतिहासिक केंद्र रहा है। इसी बंगले से आरजेडी ने कई बड़े फैसले लिए और सत्ता का संचालन किया। लालू परिवार का इस घर से (Emotional Political Connection) काफी गहरा है, शायद यही वजह है कि इसे छोड़ते समय वे काफी सावधानी और गोपनीयता बरत रहे हैं। हालांकि, भाजपा का तर्क है कि अगर काम पारदर्शी है, तो उसे रात के अंधेरे में करने की कोई तुक नहीं बनती।

जनता के बीच उठते सवाल और भविष्य की राजनीति

इस पूरे विवाद ने बिहार की जनता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या वाकई सरकारी बंगलों को खाली करते समय नेताओं द्वारा सामान की तोड़फोड़ या कीमती चीजों को ले जाने का खेल खेला जाता है। (Public Accountability in Politics) को ध्यान में रखते हुए, भाजपा इस मुद्दे को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। आने वाले दिनों में जब राबड़ी देवी नए आवास में शिफ्ट होंगी, तब पुराने बंगले की स्थिति की जांच भी की जा सकती है, जिससे यह विवाद और भी गहराने की संभावना है।

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