StudentElection – पटना यूनिवर्सिटी चुनाव में बढ़ा तनाव, मारपीट के आरोप
StudentElection – पटना यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव को लेकर माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। प्रचार के अंतिम दौर में जहां एक ओर उम्मीदवार समर्थन जुटाने में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर हिंसा की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं। बुधवार को बीएन कॉलेज में प्रचार से इनकार करने पर एक छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। इसी दिन वीमेंस कॉलेज के बाहर भी छात्र गुटों के बीच झड़प की सूचना मिली। चुनावी सरगर्मी के बीच कैंपस का वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है।

बीएन कॉलेज में छात्र पर हमला
घायल छात्र रामप्रकाश कुमार, जो पूर्वी चंपारण का निवासी और स्नातक सत्र 2024-28 का विद्यार्थी है, ने पीरबहोर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उसके अनुसार वह सामान्य रूप से कॉलेज परिसर में मौजूद था, तभी कुछ छात्र उसके पास पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने छात्रसंघ चुनाव में महासचिव पद के एक प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने का दबाव बनाया। मना करने पर कथित रूप से रॉड और हॉकी स्टिक से हमला किया गया। शोर सुनकर अन्य छात्र जुटने लगे तो आरोपित वहां से चले गए।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। प्राचार्य डॉ. राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मारपीट में शामिल कुछ लोग कॉलेज के नियमित छात्र नहीं थे। उन्होंने परिसर को संवेदनशील बताते हुए चुनाव के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। पीरबहोर थानाध्यक्ष सज्जाद गद्दी ने पुष्टि की कि चार नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा मामले की जांच की जा रही है।
वीमेंस कॉलेज के पास भी विवाद
उसी दिन पटना वीमेंस कॉलेज के समीप भी छात्र गुटों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि टिकट वितरण को लेकर एक ही संगठन के समर्थकों में मतभेद था। बहस बढ़ने पर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही छात्र वहां से हट गए। इस घटना ने चुनावी माहौल में तनाव और बढ़ा दिया है।
प्रेसिडेंशियल डिबेट आज
चुनाव प्रक्रिया के तहत गुरुवार को प्रेसिडेंशियल डिबेट का आयोजन पटना साइंस कॉलेज में दोपहर एक बजे किया जाएगा। इसके साथ ही चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सेंट्रल पैनल के अध्यक्ष पद के सभी उम्मीदवारों को इसमें भाग लेना अनिवार्य होगा। इस पद के लिए कुल 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रत्येक उम्मीदवार को अपने विचार रखने के लिए पांच मिनट का समय दिया जाएगा।
सुरक्षा और आचार संहिता पर जोर
विश्वविद्यालय ने जिला प्रशासन से कार्यक्रम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी प्रो. शंकर कुमार ने कहा कि सभी प्रत्याशियों को आचार संहिता का पालन करना होगा। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 28 फरवरी को मतदान के दिन उपस्थित सभी छात्रों को पूरे दिन की उपस्थिति प्रदान की जाएगी, ताकि मतदान में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
चुनावी सरगर्मी के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराना है। हालांकि हाल की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि आगे की प्रक्रिया कितनी सुव्यवस्थित ढंग से पूरी होती है।



