GlobalTension – होर्मुज में लौटे चीनी जहाज से बढ़ी अमेरिका-चीन तनातनी
GlobalTension – खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर भू-राजनीतिक हलचल तेज होती दिख रही है। हालिया घटनाक्रम में एक चीनी कंपनी का जहाज, जो पहले ही खाड़ी पार कर चुका था, उसे वापस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लौटना पड़ा। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों से जुड़े समुद्री मार्गों पर कड़ी निगरानी और प्रतिबंध लागू कर रखे हैं। इस पूरे मामले ने अमेरिका और चीन के बीच तनाव की आशंका को और गहरा कर दिया है।

अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच जहाज की वापसी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, शिपिंग डेटा से संकेत मिलता है कि “रिच स्टैरी” नामक जहाज, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है, बुधवार को वापस होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर लौट गया। यह जहाज शंघाई शुआनरुन शिपिंग कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है और इसमें करीब ढाई लाख बैरल मैथेनॉल लदा हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि यह पोत एक दिन पहले ही खाड़ी पार कर चुका था, जिससे इसकी वापसी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस पर कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
नाकेबंदी के बावजूद पहले दिन गुजरे कई जहाज
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने के पहले ही दिन आठ जहाज इस मार्ग से गुजरने में सफल रहे थे, जिनमें एक चीनी पोत भी शामिल था। वहीं, खबर यह भी है कि अमेरिकी नौसेना ने चाबहार बंदरगाह के पास दो तेल टैंकरों को रोक लिया था। यूएस सेंट्रल कमांड ने दावा किया था कि नाकेबंदी के शुरुआती 24 घंटों के भीतर ईरान के तटीय क्षेत्रों से होने वाली आवाजाही को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया था।
चीन ने जताई आपत्ति, समझौतों पर जोर
इस घटनाक्रम के बीच चीन की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने स्पष्ट किया कि उनके देश के जहाज होर्मुज क्षेत्र में सामान्य रूप से आवाजाही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चीन के व्यापारिक और ऊर्जा समझौते हैं, जिनका पालन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने अन्य देशों से इन मामलों में हस्तक्षेप न करने की अपेक्षा जताई। गौरतलब है कि चीन, ईरान से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल है।
ट्रंप का दावा—तनाव घटने की ओर हालात
दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ चल रहा टकराव समाप्ति की ओर बढ़ सकता है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि हालात अब काबू में हैं और यदि अमेरिका सख्त रुख न अपनाता, तो ईरान परमाणु हथियारों की दिशा में आगे बढ़ सकता था। ट्रंप के अनुसार, मौजूदा स्थिति में बड़ा संघर्ष टलता नजर आ रहा है।
पाकिस्तान में वार्ता की संभावना
राजनयिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का अगला दौर जल्द ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकता है। यह बातचीत अगले कुछ दिनों में आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है। ट्रंप ने भी इस पहल में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की है और कहा है कि हालात तेजी से बदल सकते हैं।



