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FoodSafety – बाजार में मिल रहे नकली पनीर की पहचान के आसान तरीके

FoodSafety – पनीर भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा बन चुका है। घर की रसोई से लेकर रेस्तरां तक, पनीर से बनी तरह-तरह की डिश लोगों की पसंद में शामिल हैं। लेकिन हाल के वर्षों में मिलावट को लेकर बढ़ती खबरों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। कई जगहों पर जांच के दौरान नकली या मिलावटी पनीर मिलने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि लोग सतर्क रहें और यह समझें कि जो पनीर वे खा रहे हैं, वह सुरक्षित है या नहीं।

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बाजार में नकली पनीर को लेकर बढ़ती चिंता

खाद्य सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मांग बढ़ने के साथ-साथ मिलावट के मामले भी सामने आते रहते हैं। नकली पनीर अक्सर सस्ते केमिकल या स्टार्च जैसे पदार्थों को मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे उसका आकार और बनावट तो पनीर जैसी लगती है, लेकिन गुणवत्ता और पोषण में बड़ा अंतर होता है। ऐसे उत्पाद लंबे समय तक सेवन करने पर सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। यही वजह है कि उपभोक्ताओं को खरीदते समय और इस्तेमाल से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

पानी की मदद से पहचानने का तरीका

पनीर की शुद्धता जांचने का एक आसान तरीका पानी का उपयोग है। इसके लिए एक साफ गिलास में पानी लेकर उसमें पनीर का छोटा टुकड़ा डालें। यदि पनीर असली है, तो वह धीरे-धीरे नीचे बैठ जाएगा और पानी साफ ही रहेगा। वहीं अगर पनीर नकली है, तो पानी में हल्की धुंधलापन या झाग दिखाई दे सकता है और टुकड़ा ऊपर तैरता रह सकता है। यह संकेत मिलावट की ओर इशारा करता है, हालांकि यह परीक्षण प्रारंभिक जांच के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

रगड़कर बनावट से समझें फर्क

पनीर की बनावट भी उसकी गुणवत्ता का संकेत देती है। असली पनीर को हाथ से हल्का दबाने या मसलने पर वह आसानी से टूट जाता है और उसमें हल्की दानेदार बनावट महसूस होती है। इसके विपरीत, मिलावटी पनीर का टेक्सचर अक्सर अलग होता है। कई बार यह रबर जैसा महसूस होता है या थोड़ा चिपचिपा लगता है। कुछ मामलों में यह इतना कृत्रिम लग सकता है कि रगड़ने पर प्लास्टिक जैसी अनुभूति भी हो सकती है, जो साफ तौर पर मिलावट की ओर संकेत करती है।

स्वाद और गंध से भी मिलते हैं संकेत

पनीर का स्वाद और उसकी खुशबू भी उसकी गुणवत्ता बताने में मदद कर सकते हैं। असली पनीर में हल्की दूध जैसी सुगंध होती है और उसका स्वाद नरम, हल्का क्रीमी और संतुलित होता है। दूसरी ओर, नकली पनीर में अक्सर अजीब या अप्राकृतिक गंध महसूस हो सकती है। स्वाद में भी अंतर साफ नजर आता है—कभी यह फीका लगता है, तो कभी हल्का कड़वापन महसूस हो सकता है। ऐसे संकेत मिलने पर सावधानी बरतना जरूरी है।

आयोडीन टेस्ट से करें अतिरिक्त पुष्टि

एक और तरीका आयोडीन की मदद से जांच करना है, खासकर तब जब शक हो कि पनीर में स्टार्च मिलाया गया है। इसके लिए पनीर के छोटे टुकड़े पर आयोडीन की एक-दो बूंद डालें। यदि रंग बदलकर नीला या काला हो जाता है, तो यह स्टार्च की मौजूदगी का संकेत है, जो मिलावट को दर्शाता है। वहीं असली पनीर पर आयोडीन डालने से कोई खास रंग परिवर्तन नहीं होता। यह परीक्षण थोड़ी अतिरिक्त सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।

इन आसान तरीकों की मदद से उपभोक्ता घर पर ही पनीर की प्राथमिक जांच कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी संदेह की स्थिति में प्रमाणित दुकानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदना और गुणवत्ता पर ध्यान देना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

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