SittingHealth – लंबे समय तक बैठे रहने वालों के लिए डॉक्टर ने बताया आसान नियम
SittingHealth – ऑफिस में लगातार कंप्यूटर के सामने काम करने वाले लोगों के लिए लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि घंटों तक बिना उठे बैठे रहने से पैरों में रक्त प्रवाह धीमा पड़ सकता है और समय के साथ नसों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुमित कपाड़िया ने एक सरल “30-60-5” नियम अपनाने की सलाह दी है, जिसे नियमित दिनचर्या में शामिल कर पैरों की सेहत का बेहतर ध्यान रखा जा सकता है।

लंबे समय तक बैठे रहने का शरीर पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई व्यक्ति लगातार लगभग 30 मिनट या उससे अधिक समय तक बिना हिले-डुले बैठा रहता है, तो पैरों की मांसपेशियां कम सक्रिय हो जाती हैं। इसका असर रक्त संचार पर पड़ सकता है और पिंडलियों की प्राकृतिक पंपिंग क्षमता भी घटने लगती है। लंबे समय तक यही स्थिति बनी रहने पर पैरों में भारीपन, थकान या सूजन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। यही कारण है कि नियमित अंतराल पर शरीर को सक्रिय रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
क्या है 30-60-5 नियम
डॉ. कपाड़िया के अनुसार इस नियम को अपनाना काफी आसान है। हर 30 मिनट बाद कम से कम 60 सेकंड के लिए अपनी सीट से उठकर खड़े हों। इसके बाद पांच बार काफ रेज (Calf Raises) करें, जिसमें एड़ियों को ऊपर उठाकर फिर सामान्य स्थिति में लाया जाता है। यह हल्की गतिविधि पिंडलियों की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद कर सकती है और पैरों में रक्त संचार बेहतर बनाए रखने में सहायक मानी जाती है। नियमित रूप से ऐसा करने से लंबे समय तक बैठे रहने के प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
क्यों फायदेमंद मानी जाती है यह आदत
विशेषज्ञों का कहना है कि पिंडलियों की हल्की एक्सरसाइज पैरों से रक्त को ऊपर की ओर प्रवाहित करने में मदद करती है। इससे रक्त संचार बेहतर बना रह सकता है और पैरों में जकड़न या थकान कम महसूस हो सकती है। नियमित रूप से छोटे-छोटे ब्रेक लेने से शरीर को सक्रिय रखने में भी सहायता मिलती है। हालांकि किसी गंभीर बीमारी या रक्त संचार से जुड़ी समस्या होने पर व्यक्ति को अपने चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए।
लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से बढ़ सकते हैं जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति रोजाना कई घंटों तक लगातार बैठकर काम करता है और बीच में बिल्कुल भी नहीं उठता, तो समय के साथ नसों पर दबाव बढ़ सकता है। कुछ मामलों में इससे वैरिकोज वेन्स जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। लंबे समय तक निष्क्रिय जीवनशैली का संबंध हृदय स्वास्थ्य और समग्र शारीरिक फिटनेस पर भी प्रभाव डाल सकता है। इसलिए काम के दौरान छोटे-छोटे अंतराल पर चलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना लाभदायक माना जाता है।
अलार्म लगाकर बना सकते हैं बेहतर आदत
व्यस्त कार्यदिवस में कई लोग ब्रेक लेना भूल जाते हैं। ऐसे में हर 30 मिनट का मोबाइल अलार्म या रिमाइंडर लगाना एक व्यावहारिक उपाय हो सकता है। यह छोटी-सी आदत समय-समय पर उठने, कुछ कदम चलने और हल्की एक्सरसाइज करने की याद दिलाती रहती है। नियमित रूप से ऐसा करने से रक्त संचार बेहतर बनाए रखने, पैरों की थकान कम करने, शरीर को सक्रिय रखने और काम के दौरान ऊर्जा व एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।