JaspritBumrah – आईपीएल 2026 में फीकी पड़ी गेंदबाजी पर उठे सवाल
JaspritBumrah – जसप्रीत बुमराह का नाम लंबे समय से दुनिया के सबसे भरोसेमंद और घातक तेज गेंदबाजों में लिया जाता रहा है। उनकी यॉर्कर, सटीक लाइन-लेंथ और दबाव बनाने की क्षमता ने बड़े-बड़े बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला है। लेकिन आईपीएल 2026 का मौजूदा सीजन उनके लिए अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। हालात ऐसे हैं कि युवा बल्लेबाज भी उनके खिलाफ खुलकर खेलते नजर आ रहे हैं और आंकड़े भी उनकी इस गिरावट की गवाही दे रहे हैं।

लगातार मैचों में विकेट का इंतजार
इस सीजन में बुमराह का प्रदर्शन चौंकाने वाला रहा है, खासकर विकेट लेने के मामले में। उन्होंने पिछले छह मुकाबलों में एक भी विकेट हासिल नहीं किया है, जो उनके स्तर के गेंदबाज के लिए असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर शुरुआती ओवरों में ही बल्लेबाजों पर दबाव बनाने वाले बुमराह इस बार उस लय में नजर नहीं आए हैं। यही वजह है कि विरोधी टीमें उनके खिलाफ ज्यादा आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी कर रही हैं।
फिटनेस और तैयारी पर उठते सवाल
आईपीएल शुरू होने से पहले बुमराह बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में देखे गए थे, जहां वे वर्कलोड मैनेजमेंट और फिटनेस से जुड़े कार्यक्रम का हिस्सा थे। हालांकि किसी बड़ी चोट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में हल्की शारीरिक परेशानी की संभावना जताई गई थी। मैदान पर उनकी ऊर्जा और लय में थोड़ी कमी महसूस की जा रही है, जिससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या वह पूरी तरह फिट हैं या नहीं।
टीम से नहीं मिल रहा अपेक्षित सहयोग
गेंदबाजी में किसी भी खिलाड़ी के लिए टीम का सहयोग बेहद अहम होता है, और इस सीजन में यही पहलू बुमराह के खिलाफ जाता दिख रहा है। दूसरे छोर से रन रोकने में टीम के अन्य गेंदबाज उतने प्रभावी नहीं रहे हैं। दीपक चाहर, ट्रेंट बोल्ट, हार्दिक पांड्या और शार्दुल ठाकुर जैसे अनुभवी नाम होने के बावजूद लगातार दबाव नहीं बन पा रहा। इसका असर यह हो रहा है कि जब बुमराह ओवर डालते हैं, तब तक बल्लेबाज सेट हो चुके होते हैं और जोखिम लेने से नहीं हिचकते।
रणनीति और कप्तानी पर चर्चा
कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने टीम की रणनीति पर भी सवाल उठाए हैं। पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी का मानना है कि बुमराह का उपयोग सही समय पर नहीं हो रहा। उनका कहना है कि अगर उन्हें शुरुआती ओवर नहीं दिए जाते, तो बाद में उन्हें लाकर ज्यादा फर्क पैदा करना मुश्किल हो जाता है। टीम की गेंदबाजी रणनीति में स्पष्टता की कमी भी बुमराह के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
गेंदबाजी में धार की कमी नजर आई
बुमराह की पहचान उनकी विविधता और सटीकता रही है, लेकिन इस सीजन में उनकी गेंदबाजी में वह धार कम दिखी है। खासकर स्विंग उतनी प्रभावी नहीं रही, जितनी आमतौर पर देखने को मिलती है। बल्लेबाज उनके स्लोअर गेंदों को आसानी से पढ़ पा रहे हैं और यॉर्कर भी पहले जितनी सटीकता से नहीं आ रही। हालांकि उनकी गति अब भी बरकरार है और वह 140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं, लेकिन केवल गति के दम पर दबाव बनाना आसान नहीं होता।



