बिहार

WomenEmployment – सत्यापन में देरी से 18 लाख महिलाओं की सहायता राशि अटकी

WomenEmployment – बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत शहरी क्षेत्रों की करीब 18 लाख महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता फिलहाल अटक गई है। इसकी मुख्य वजह आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया का समय पर पूरा न हो पाना है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को 10 हजार रुपये की सहायता दी जानी है, लेकिन अभी तक कई आवेदनों की जांच पूरी नहीं हो सकी है। इससे बड़ी संख्या में महिलाएं भुगतान का इंतजार कर रही हैं।

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सत्यापन प्रक्रिया में आई देरी

इस योजना के लिए प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का सत्यापन 15 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन यह समय सीमा पूरी नहीं हो सकी। शहरी निकायों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे आवेदनों की जांच कर पात्र महिलाओं की सूची तैयार करें।

अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के बाद महिलाओं के समूह बनाए जाने हैं, जो योजना का अनिवार्य हिस्सा है। यही कारण है कि पूरी प्रक्रिया में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक लाभार्थियों के खातों में राशि भेजना संभव नहीं है।

समूह गठन के बाद ही मिलेगा लाभ

योजना के नियमों के अनुसार, लाभ लेने के लिए महिलाओं का जीविका समूह से जुड़ना जरूरी है। हर समूह में 10 से 12 महिलाओं को शामिल किया जाएगा। समूह बनने के बाद ही संबंधित महिलाएं योजना की पात्र सदस्य मानी जाएंगी।

जीविका से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उन्हें नगर विकास एवं आवास विभाग से अंतिम सूची का इंतजार है। जैसे ही सूची उपलब्ध होगी, लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

वित्तीय वर्ष के भीतर भुगतान पर संशय

अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए 31 मार्च 2026 तक सभी लंबित भुगतान कर पाना मुश्किल लग रहा है। सत्यापन और समूह गठन की प्रक्रिया लंबी होने के कारण यह देरी और बढ़ सकती है।

इस बीच, जिन महिलाओं ने आवेदन किया है, वे लगातार योजना के तहत मिलने वाली राशि का इंतजार कर रही हैं। सरकार की ओर से जल्द प्रक्रिया पूरी करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी स्पष्ट समयसीमा तय नहीं हो सकी है।

योजना के तहत अब तक का वितरण

राज्य सरकार इस योजना के जरिए बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। अब तक करीब 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जा चुकी है।

फरवरी महीने में ही लगभग 25 लाख महिलाओं को 2500 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। इससे पहले भी करोड़ों लाभार्थियों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

रोजगार बढ़ाने की व्यापक योजना

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, राज्य की ‘सात निश्चय-3’ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रोजगार और आय को बढ़ाना है। इस योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को आर्थिक मदद देकर उन्हें खुद का काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

आगे चलकर महिलाओं द्वारा शुरू किए गए कार्यों का आकलन भी किया जाएगा। जिनका व्यवसाय अच्छा प्रदर्शन करेगा, उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता, जो दो लाख रुपये तक हो सकती है, देने की योजना है।

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