बिज़नेस

Aluminium Stock – वेदांता एल्युमीनियम की दमदार लिस्टिंग, बाजार अनुमान पड़े पीछे…

Aluminium Stock – वेदांता समूह के डीमर्जर के बाद शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई वेदांता एल्युमीनियम ने पहले ही दिन निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कंपनी के शेयर बीएसई पर 527 रुपये और एनएसई पर 522 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए, जो कई विश्लेषकों के पूर्वानुमानों से अधिक रहे। लिस्टिंग के साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 2.06 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस मूल्यांकन के आधार पर वेदांता एल्युमीनियम ने अपनी मूल कंपनी वेदांता लिमिटेड को भी पीछे छोड़ दिया।

vedanta aluminium strong listing

बाजार विशेषज्ञों के अनुमान से बेहतर रही शुरुआत

लिस्टिंग से पहले अधिकांश ब्रोकरेज और मार्केट एनालिस्ट्स का मानना था कि कंपनी के शेयर 398 रुपये से 489 रुपये के बीच सूचीबद्ध हो सकते हैं। हालांकि वास्तविक लिस्टिंग मूल्य इससे काफी ऊपर रहा। विशेषज्ञों का अनुमान था कि कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 1.74 लाख करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है, लेकिन शुरुआती कारोबार में ही यह आंकड़ा काफी आगे निकल गया। डीमर्जर के बाद बाजार में आई वेदांता समूह की नई इकाइयों में वेदांता एल्युमीनियम ही ऐसी कंपनी रही जिसने बड़े आकार की सूचीबद्ध कंपनी के रूप में शुरुआत की।

लिस्टिंग के बाद दिखी मुनाफावसूली

शानदार शुरुआत के बावजूद कारोबार के दौरान शेयरों में दबाव देखने को मिला। बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 5 प्रतिशत गिरकर 500.65 रुपये तक पहुंच गया, जबकि एनएसई पर यह लगभग 495.90 रुपये के स्तर तक फिसल गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे स्तर पर लिस्टिंग के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली का विकल्प चुना, जिसके चलते शेयरों में यह गिरावट दर्ज की गई।

समूह की अन्य कंपनियों का प्रदर्शन

वेदांता समूह की अन्य डीमर्जर के बाद सूचीबद्ध कंपनियों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। वेदांता पावर के शेयर 41.30 रुपये पर सूचीबद्ध हुए और बाद में 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ ऊपरी सर्किट स्तर तक पहुंच गए। दूसरी ओर, वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयर 39 रुपये पर सूचीबद्ध होने के बाद कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे और करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की।

ब्रोकरेज फर्मों को एल्युमीनियम कारोबार पर भरोसा

कई प्रमुख वित्तीय संस्थानों और ब्रोकरेज हाउसों ने वेदांता एल्युमीनियम को समूह की सबसे मजबूत इकाइयों में से एक बताया है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी का समूह के कुल राजस्व और परिचालन लाभ में महत्वपूर्ण योगदान है। वैश्विक स्तर पर सीमित आपूर्ति, एल्युमीनियम की मजबूत कीमतें और उत्पादन क्षमता विस्तार की योजनाएं कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक कारक मानी जा रही हैं। यही वजह है कि कई निवेश विश्लेषक इस कारोबार को दीर्घकालिक दृष्टि से मजबूत मान रहे हैं।

भारत के एल्युमीनियम क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति

वेदांता एल्युमीनियम देश की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनियों में शामिल है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत के कुल एल्युमीनियम उत्पादन में कंपनी की हिस्सेदारी आधे से अधिक रही। ओडिशा के कालाहांडी जिले में कंपनी बड़ी क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी संचालित करती है, जबकि झारसुगुड़ा स्थित उसका एल्युमीनियम संयंत्र भी देश के प्रमुख उत्पादन केंद्रों में गिना जाता है। इसके अलावा कंपनी छत्तीसगढ़ में स्थित भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड के संचालन से भी जुड़ी हुई है।

निवेशकों की नजर आगे की रणनीति पर

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डीमर्जर के बाद स्वतंत्र इकाई के रूप में वेदांता एल्युमीनियम का प्रदर्शन आने वाले समय में निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देगा। कंपनी की उत्पादन क्षमता, वैश्विक मांग और धातु क्षेत्र में कीमतों की दिशा उसके कारोबार की गति तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.