CrudeOil – वैश्विक घटनाक्रम के बीच कच्चे तेल में आया उतार-चढ़ाव, ईंधन कीमतों पर बनी नजर
CrudeOil- अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बीते कुछ दिनों से तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद मंगलवार को WTI क्रूड में हल्की मजबूती दर्ज की गई, जबकि ब्रेंट क्रूड 4.27 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ 84.09 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। कुछ ही दिनों पहले 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा ब्रेंट अब काफी नीचे आ चुका है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बाजार अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है और आगे भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

भारत में फिलहाल ईंधन की कीमतें स्थिर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई संशोधन नहीं किया गया है। ऑयल मार्केट से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहती हैं, तो भविष्य में घरेलू ईंधन कीमतों में राहत मिलने की संभावना बन सकती है। फिलहाल ऑयल मार्केटिंग कंपनियां मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
युद्धविराम की उम्मीदों से बाजार को मिला सहारा
विश्लेषकों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम को लेकर बढ़ती उम्मीदें हैं। मध्य पूर्व में जारी तनाव कई महीनों से वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर रहा है, लेकिन हाल के कूटनीतिक संकेतों ने निवेशकों की धारणा में कुछ सकारात्मक बदलाव लाया है। बाजार को उम्मीद है कि यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो क्षेत्रीय तनाव कम हो सकता है, जिससे तेल आपूर्ति पर बना दबाव भी घटेगा।
ट्रंप-नेतन्याहू की मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई बैठक भी बाजार की नजर में रही। रिपोर्टों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद इजराइली पक्ष की ओर से संकेत दिया गया कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवाद का समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत के माध्यम से निकालने की कोशिशों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजार में कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कुछ मजबूत हुई।
होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा बनी चिंता
ऊर्जा बाजार के लिए होर्मुज स्ट्रेट अब भी सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां की स्थिति पर निवेशकों की लगातार नजर बनी हुई है। इसी दौरान सऊदी अरब ने जानकारी दी कि उसके पूर्वी क्षेत्र में तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे कई ड्रोन को सुरक्षा बलों ने निष्क्रिय कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार इन घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं पूरी तरह समाप्त नहीं होने दी हैं।
ईरान ने प्रस्ताव पर जताया अपना रुख
कूटनीतिक स्तर पर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े प्रस्ताव पर अपनी आपत्तियां भी सामने रखी हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ओमान की ओर से समुद्री मार्ग के संयुक्त प्रबंधन का सुझाव दिया गया था, लेकिन ईरान ने इसे अपनी सुरक्षा और रणनीतिक चिंताओं के अनुरूप नहीं माना। ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबाबादी ने कहा कि तेल परिवहन से जुड़े प्रमुख मार्गों पर देश का प्रभावी नियंत्रण बना रहना चाहिए। विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर सहमति बनने में अभी समय लग सकता है, जिसका असर आने वाले दिनों में वैश्विक कच्चे तेल के बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।