Dubai Gold Market Performance 2026: दुबई के ‘गोल्ड सूक’ ने निवेशकों को बनाया मालामाल, क्या 2026 में भी जारी रहेगा ये जादुई सफर,,,
Dubai Gold Market Performance 2025 2026: साल 2025 दुबई के स्वर्ण बाजार के इतिहास में एक ऐसे मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। वर्ष की शुरुआत अत्यंत साधारण और शांत रही थी, लेकिन देखते ही देखते इसने एक ऐसी (Record-breaking rally) का रूप ले लिया जिसने पूरी दुनिया के वित्तीय विशेषज्ञों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। दुबई के बाजारों में सोने की कीमतों ने जिस रफ्तार से उड़ान भरी, उसने न केवल बड़े निवेशकों बल्कि आम खरीदारों की संपत्ति में भी रातों-रात भारी इजाफा कर दिया।

24 कैरेट सोने की कीमतों में आया जबरदस्त भूचाल
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो 24 कैरेट सोने की कीमत 1 जनवरी 2025 को महज 318 दिरहम प्रति ग्राम थी, जो साल के अंत यानी 31 दिसंबर तक 520 दिरहम प्रति ग्राम के जादुई आंकड़े पर पहुंच गई। यह लगभग 63.5 प्रतिशत की (Investment returns) वाली ऐसी छलांग थी, जिसने प्रति ग्राम 200 दिरहम से ज्यादा का सीधा मुनाफा निवेशकों की जेब में डाला। इस अप्रत्याशित वृद्धि ने दुबई को एक बार फिर दुनिया के सबसे आकर्षक गोल्ड हब के रूप में स्थापित कर दिया है।
22 और 21 कैरेट की चमक ने भी किया सबको हैरान
सिर्फ 24 कैरेट ही नहीं, बल्कि आभूषणों के लिए सबसे पसंदीदा माने जाने वाले 22 कैरेट सोने ने भी 294.50 से 481.50 दिरहम प्रति ग्राम तक का सफर तय किया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस श्रेणी में प्रति ग्राम 187 दिरहम की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं 21 कैरेट सोने में भी (Market valuation) के लिहाज से 176.75 दिरहम का उछाल देखा गया। यूएई में हाल ही में लॉन्च हुए 14 कैरेट सोने ने भी अपनी किफायती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग के बीच अपनी जगह बनाना शुरू कर दिया है।
1970 के दशक के बाद सबसे मजबूत वैश्विक प्रदर्शन
वैश्विक स्तर पर सोने का यह प्रदर्शन पिछले पांच दशकों में सबसे शानदार रहा है। 1970 के दशक के बाद यह पहली बार है जब पीली धातु की कीमतों में सालाना आधार पर लगभग 70 प्रतिशत की तेजी आई है। इस (Global gold trend) के पीछे कई जटिल आर्थिक कारण रहे हैं, जिन्होंने सोने को अन्य सभी एसेट क्लासेस के मुकाबले एक सुरक्षित और सबसे मजबूत निवेश विकल्प के रूप में पेश किया है।
सुरक्षित निवेश की मांग और सेंट्रल बैंकों की बड़ी भूमिका
साल 2025 में सोने की इस बेतहाशा दौड़ के पीछे वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक जोखिम सबसे प्रमुख कारण रहे। सुरक्षित निवेश की तलाश में दुनिया भर के बड़े निवेशक और गल्फ के सेंट्रल बैंक सोने की ओर भागे। यूएई के सेंट्रल बैंक ने अपनी (Strategic gold reserves) को 26 प्रतिशत बढ़ाकर 7.9 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया, जो यह दर्शाता है कि आर्थिक अस्थिरता के दौर में सोना आज भी सबसे भरोसेमंद रक्षक है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व और ब्याज दरों का गहरा प्रभाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने भी सोने की चमक को बढ़ाने में ईंधन का काम किया। जब बॉन्ड्स और अन्य निवेश माध्यमों से मिलने वाला (Real yield) कम होने लगता है, तो निवेशक स्वाभाविक रूप से सोने की ओर रुख करते हैं क्योंकि इसमें कोई क्रेडिट रिस्क नहीं होता। इन आर्थिक ताकतों के एक साथ आने से सोने की मांग और आपूर्ति का संतुलन पूरी तरह बदल गया और कीमतें आसमान छूने लगीं।
दुबई के निवासियों और प्रवासियों को मिला वास्तविक लाभ
दुबई की रगों में बसने वाली ‘गोल्ड सूक’ संस्कृति के लिए यह उछाल महज कागजी नहीं बल्कि वास्तविक समृद्धि लेकर आया। वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय निवासियों के पास मौजूद (Physical gold assets) की कीमत में जबरदस्त इजाफा हुआ। हालांकि दिसंबर के अंत में मुनाफावसूली के कारण कीमतों में थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन इसने खरीदारों के उत्साह को कम नहीं किया। दुबई के ज्वेलर्स बताते हैं कि कम मेकिंग चार्ज और टैक्स छूट के कारण अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की दिलचस्पी अभी भी चरम पर है।
भविष्य की आहट: 2026 में कहां तक पहुंचेगा सोना?
2025 की शानदार रैली के बाद अब पूरी दुनिया की निगाहें 2026 पर टिकी हैं। गोल्डमैन सैक्स और डच बैंक जैसे बड़े संस्थानों का अनुमान है कि सोना $4,000 से $4,900 प्रति औंस के स्तर को छू सकता है। अगर वैश्विक तनाव और (Geopolitical risks) इसी तरह बने रहते हैं, तो गल्फ देशों के निवेशकों के लिए सोना आने वाले समय में भी धन के संरक्षण का सबसे बेहतरीन जरिया बना रहेगा। 2026 में भी अनिश्चितता के बादलों के बीच सोने की ऊंची उड़ान की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।



