ElonMusk – नस्लवाद के आरोपों पर मस्क का जवाब, परिवार और भर्ती प्रक्रिया का दिया हवाला
ElonMusk – हाल के दिनों में अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर विवादों में रहे टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने नस्लवाद से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज किया है। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि उनके निजी जीवन और पेशेवर फैसलों को देखने से स्पष्ट हो जाता है कि वे लोगों के साथ नस्ल या जातीय पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं करते। मस्क ने कहा कि उनकी टीम में विभिन्न देशों और पृष्ठभूमि के लोग काम करते हैं और उनका परिवार भी विविध सांस्कृतिक विरासत का उदाहरण है।

साक्षात्कार में नस्लवाद के आरोपों पर दिया जवाब
‘द इकनॉमिस्ट’ की एडिटर-इन-चीफ जैनी मिंटन बेडोस के साथ बातचीत के दौरान एलन मस्क से सीधे पूछा गया कि क्या उन पर लगाए जा रहे नस्लवाद के आरोप सही हैं। इस पर उन्होंने कहा कि उनकी कंपनियों में कर्मचारियों की नियुक्ति हमेशा योग्यता के आधार पर की जाती है, न कि किसी व्यक्ति की नस्ल या मूल के आधार पर। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को देखकर ऐसे आरोपों की पुष्टि नहीं होती।
परिवार का उदाहरण देते हुए कही यह बात
बातचीत के दौरान मस्क ने अपनी पार्टनर शिवोन जिलिस का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका भारतीय मूल से संबंध है। शिवोन की मां भारतीय मूल की हैं और उनका पालन-पोषण कनाडा में हुआ। मस्क ने यह भी बताया कि उनके एक बेटे का नाम भारतीय मूल के नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिकशास्त्री सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का नाम ‘स्ट्राइडर शेखर’ रखा गया है, जिसमें ‘स्ट्राइडर’ नाम साहित्यिक पात्र से प्रेरित है, जबकि ‘शेखर’ भारतीय वैज्ञानिक के सम्मान में चुना गया।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ा था विवाद
एलन मस्क पिछले कुछ समय से अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। उनकी कुछ टिप्पणियों में नस्ल, आव्रजन और श्वेत समुदाय से जुड़े मुद्दों का उल्लेख होने के बाद कई लोगों ने उनकी आलोचना की थी। इन्हीं विवादों के बीच उन्होंने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि उनके विचारों को नस्लवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और उनका उद्देश्य किसी समुदाय के प्रति भेदभाव करना नहीं है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर भी रखी अपनी राय
साक्षात्कार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। मस्क ने कहा कि इस तकनीक से जुड़े संभावित जोखिमों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, AI का विकास तेज गति से हो रहा है और इसे पूरी तरह रोकना अब व्यावहारिक नहीं है। इसलिए आवश्यक है कि इसके सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा दिया जाए और संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं।
धर्म और आव्रजन पर भी दिया स्पष्टीकरण
मस्क ने धर्म से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि उन्हें किसी विशेष धर्म या समुदाय से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता केवल उन लोगों को लेकर है जो कानून का उल्लंघन करते हैं या अपराध के जरिए सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। उनके अनुसार, इस मुद्दे को किसी धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि कानून और सार्वजनिक सुरक्षा के नजरिए से समझना अधिक उचित होगा।