FuelPrice – नायरा ने सस्ते किए पेट्रोल-डीजल, 7000 से ज्यादा पंपों पर लागू हुईं नई दरें
FuelPrice – देशभर में नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने वाले ग्राहकों को राहत मिली है। कंपनी ने 1 जुलाई से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती लागू कर दी है। नए संशोधन के तहत पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया गया है। यह नई दरें कंपनी के 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर प्रभावी हो चुकी हैं। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने फिलहाल अपने ईंधन मूल्यों में कोई बदलाव नहीं किया है।

वैश्विक बाजार में नरमी का दिखा असर
ईंधन की कीमतों में यह कमी ऐसे समय आई है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों पर दबाव देखने को मिला है। पश्चिम एशिया में हालात पहले की तुलना में सामान्य होने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर आवाजाही फिर से शुरू होने से तेल और एलएनजी की आपूर्ति में सुधार हुआ है। इससे वैश्विक स्तर पर आपूर्ति संबंधी चिंताएं कम हुईं और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिसका असर अब घरेलू खुदरा बाजार में भी दिखाई देने लगा है।
सभी राज्यों में कीमतें एक जैसी नहीं होंगी
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार संशोधित दरें नायरा एनर्जी के सभी परिचालन पेट्रोल पंपों पर लागू कर दी गई हैं। हालांकि विभिन्न राज्यों में लागू वैट और अन्य स्थानीय करों की वजह से अंतिम खुदरा कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अलग-अलग शहरों और राज्यों में उपभोक्ताओं को ईंधन के दाम अलग दिखाई दे सकते हैं।
सरकारी तेल कंपनियों ने दरें नहीं बदलीं
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह के बदलाव की घोषणा नहीं की है। इन तीनों सरकारी कंपनियों का देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों का नेटवर्क है। दिल्ली में इनके आउटलेट्स पर पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की मौजूदा दर पर ही उपलब्ध है।
पहले बढ़ाए गए दाम अब वापस लिए गए
मार्च में पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई थी। उस समय नायरा एनर्जी ने पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा किया था। इसके बाद मई में सरकारी तेल कंपनियों ने भी दोनों ईंधनों की कीमतों में 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी। अब कंपनी ने मार्च में की गई अपनी वृद्धि को पूरी तरह वापस ले लिया है।
उपभोक्ताओं के लिए राहत का संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तेल कीमतों में स्थिरता बनी रहती है तो आने वाले समय में ईंधन बाजार में और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल नायरा एनर्जी की ओर से की गई यह कटौती निजी क्षेत्र की ओर से लंबे समय बाद खुदरा ईंधन कीमतों में दी गई राहत मानी जा रही है। इससे कंपनी के पंपों से ईंधन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर कम कीमत का लाभ मिलेगा।