FuelPriceUpdate – कच्चे तेल में गिरावट, देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
FuelPriceUpdate – अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। मंगलवार, 14 अप्रैल को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने रोजाना की तरह सुबह दरें जारी कीं, जिनमें कोई बदलाव नहीं किया गया। ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलती नजर आ रही है, क्योंकि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद घरेलू बाजार में कीमतें नियंत्रित हैं।

प्रमुख शहरों में क्या हैं ताजा रेट
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। वहीं, पोर्ट ब्लेयर जैसे शहरों में पेट्रोल 82.46 रुपये और डीजल 78.05 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि मार्च 2024 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी, जिसके बाद से अब तक दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
कच्चे तेल में आई नरमी
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड लगभग 96.71 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि डब्ल्यूटीआई की कीमत भी घटकर करीब 96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बावजूद कीमतों में यह नरमी बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
अलग-अलग राज्यों में कीमतों का अंतर
देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर बना हुआ है। ईटानगर में पेट्रोल करीब 90.87 रुपये प्रति लीटर है, जबकि हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल जैसे शहरों में यह 92 से 93 रुपये के बीच बना हुआ है। वहीं, पश्चिम बंगाल के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 104 से 106 रुपये प्रति लीटर के बीच दर्ज की गई है, जो देश के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक है।
वैश्विक हालात का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर तेल बाजार पर बना हुआ है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति ने अनिश्चितता बढ़ाई है। हालांकि, अभी तक इसका पूरा असर भारत में कीमतों पर नहीं दिखा है, क्योंकि यहां कीमतों में बदलाव धीरे-धीरे किया जाता है।
क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ता है और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, भारत में कीमतों में अचानक तेज उछाल की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन धीरे-धीरे असर जरूर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत
मौजूदा स्थिति में उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि यह स्थिति कितने समय तक बनी रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में तेल बाजार की दिशा पर सभी की नजर बनी हुई है।