GoldPrice – सोने-चांदी में गिरावट, वैश्विक संकेतों से बाजार प्रभावित
GoldPrice – घरेलू बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखी गई। एमसीएक्स पर चांदी करीब 0.7 प्रतिशत गिरकर 2,42,067 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि सोना 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,52,561 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों धातुओं के रुख में अंतर देखने को मिला। स्पॉट सिल्वर में हल्की बढ़त रही, जबकि स्पॉट गोल्ड और अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिला-जुला रुझान
वैश्विक स्तर पर कीमतों की चाल अलग-अलग संकेत दे रही है। स्पॉट सिल्वर में मामूली तेजी के साथ यह 75 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई, जबकि स्पॉट गोल्ड में हल्की गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स भी नीचे आए हैं, जो निवेशकों की बदलती रणनीति को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में निवेशक सुरक्षित विकल्पों के साथ-साथ अन्य बाजारों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
कीमतों में गिरावट के पीछे मुख्य कारण
सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के पीछे कई आर्थिक और वैश्विक कारण जुड़े हुए हैं। डॉलर की मजबूती इसका एक बड़ा कारण मानी जा रही है, क्योंकि मजबूत डॉलर के चलते सोना महंगा हो जाता है और इसकी मांग कम हो सकती है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव में कुछ हद तक कमी आने और निवेशकों द्वारा अन्य बाजारों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेचने जैसे कारक भी कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से भी सोने की मांग प्रभावित हो रही है।
मध्य पूर्व के हालात पर बनी नजर
ईरान से जुड़े मुद्दे अभी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं और इस क्षेत्र की स्थिति पर बाजार की नजर बनी हुई है। इस्लामाबाद में प्रस्तावित बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच चर्चा की संभावना है। इसके साथ ही, होर्मुज क्षेत्र में संभावित शुल्क विवाद और लेबनान में जारी तनाव ने भी निवेशकों को सतर्क बना रखा है। इन घटनाओं का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।
महंगाई और ब्याज दरों का असर
महंगाई का दबाव भी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहा है। हाल के महीनों में वैश्विक तनाव के कारण महंगाई के जोखिम बढ़े हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर असर पड़ सकता है। अमेरिका में उपभोक्ता खर्च के आंकड़े अपेक्षाकृत कमजोर रहे हैं, और अब बाजार की नजर आगामी महंगाई आंकड़ों पर टिकी है। अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है, तो ब्याज दरों में बदलाव की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
आगे की दिशा पर अनिश्चितता कायम
फिलहाल सोने और चांदी की कीमतें कई कारकों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। एक ओर वैश्विक तनाव और महंगाई कीमतों को सहारा दे सकते हैं, वहीं मजबूत डॉलर और नीतिगत सख्ती इन पर दबाव बनाए रख सकते हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़े यह तय करेंगे कि बाजार किस दिशा में आगे बढ़ेगा।



