GoldPrice – तीन दिनों में सोना-चांदी में हुई बड़ी गिरावट, निवेशकों की बढ़ी चिंता
GoldPrice – अंतरराष्ट्रीय संकेतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव के बीच घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,478 रुपये टूटकर 1,40,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी भी भारी दबाव में रही और इसका भाव 11,298 रुपये की गिरावट के साथ 2,10,737 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। बीते तीन कारोबारी सत्रों में सोने और चांदी दोनों में उल्लेखनीय कमजोरी देखने को मिली है।

रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे पहुंचे दाम
MCX के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। मौजूदा कीमतों के आधार पर इसमें अब तक 52,396 रुपये की गिरावट आ चुकी है। चांदी का भी यही रुख देखने को मिला है। इसका रिकॉर्ड उच्च स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि वर्तमान में यह उस स्तर से करीब 2,09,311 रुपये नीचे कारोबार कर रही है। यानी चांदी की कीमत अपने उच्चतम स्तर की तुलना में लगभग आधी रह गई है।
वैश्विक बाजार से मिल रहे कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। सोने की कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गई है। बुधवार को वैश्विक कारोबार के दौरान इसमें लगभग 3.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और भाव 3,960 डॉलर प्रति औंस से नीचे पहुंच गया। वहीं चांदी भी दिसंबर के बाद पहली बार 60 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गई। विदेशी बाजार में आई इस कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
किन वजहों से लगातार घट रहे हैं भाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से सोने और चांदी पर दबाव बढ़ा है, क्योंकि डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए इन धातुओं की खरीद महंगी हो जाती है। इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की संभावना भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रही है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग अपेक्षाकृत कमजोर पड़ सकती है।
विश्लेषकों का यह भी कहना है कि पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ाया है। इसके चलते निवेशकों का झुकाव अन्य वित्तीय साधनों की ओर बढ़ा है। इसी बीच कई प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों ने भी सोने की कीमतों को लेकर अपने अनुमान पहले की तुलना में कम कर दिए हैं, जिससे बाजार की धारणा पर असर पड़ा है।
निवेशकों के लिए क्या है मौजूदा संकेत
बाजार जानकारों का मानना है कि हाल के दिनों में Gold ETF से निकासी और अंतरराष्ट्रीय मांग में नरमी भी कीमतों पर दबाव बना रही है। ऐसे में निवेशकों को केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के आधार पर निर्णय लेने के बजाय वैश्विक आर्थिक संकेतकों, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर रखनी चाहिए। आने वाले समय में इन्हीं कारकों के आधार पर कीमती धातुओं की दिशा तय होने की संभावना है।