HDFCBank – दो अहम घटनाक्रमों के बीच शेयरों में लौटी खरीदारी की रौनक
HDFCBank – सप्ताह के पहले कारोबारी दिन HDFC Bank के शेयर निवेशकों की नजर में रहे। शुरुआती कारोबार में बैंक का शेयर 800 रुपये के स्तर को पार कर गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक से जुड़ी दो महत्वपूर्ण खबरों के सामने आने के बाद निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला, जिससे शेयर में खरीदारी बढ़ी।

जांच रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी आई सामने
बैंक ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि Wilson Sonsini Goodrich & Rosati और Wadia Ghandy & Co द्वारा की गई समीक्षा में पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन एवं स्वतंत्र निदेशक अतानु चक्रवर्ती से जुड़े बयानों और आरोपों के समर्थन में उपलब्ध रिकॉर्ड या गवाहों के साक्षात्कार से पुष्टि नहीं हुई। इस अपडेट के बाद बैंक को लेकर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
नए चेयरमैन की नियुक्ति पर नजर
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, HDFC Bank को अगले कुछ दिनों में नया चेयरमैन मिल सकता है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक की Nomination and Remuneration Committee (NRC) बोर्ड के सामने तीन संभावित नाम रखेगी। इसके बाद बोर्ड प्राथमिकता के आधार पर अंतिम चयन करेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संभावित उम्मीदवारों में पूर्व RBI अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के वरिष्ठ बैंकर और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले कुछ नामों पर भी विचार किया जा रहा है।
प्रबंधन से जुड़े फैसलों की भी चर्चा
कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह संभावना भी जताई गई है कि बैंक के मौजूदा Managing Director और Chief Executive Officer शशिधर जगदीशन को तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में बैंक की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। निवेशकों की नजर प्रबंधन से जुड़े इन फैसलों पर बनी हुई है।
कारोबार के दौरान शेयर में दिखी मजबूती
सोमवार को BSE पर HDFC Bank का शेयर लगभग 800.90 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 802.75 रुपये के इंट्रा-डे उच्च स्तर तक पहुंच गया। इसी दौरान घरेलू शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसका असर प्रमुख बैंकिंग शेयरों पर भी दिखाई दिया।
लंबी अवधि के प्रदर्शन पर नजर
हालांकि सोमवार को शेयर में मजबूती रही, लेकिन वर्ष 2026 के दौरान अब तक HDFC Bank के शेयर दबाव में रहे हैं। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, इस साल स्टॉक में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले एक और दो वर्षों के प्रदर्शन में भी शेयर पर दबाव बना रहा। वहीं, लंबी अवधि की बात करें तो पिछले 10 वर्षों में इस शेयर ने निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया है, हालांकि इसी अवधि में Sensex का प्रदर्शन इससे बेहतर रहा है।