IncomeTaxRules – 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे नए टैक्स नियम
IncomeTaxRules – केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 20 मार्च 2026 को नए आयकर नियमों का मसौदा जारी कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएंगे। यह नया ढांचा पुराने 1961 के नियमों की जगह लेगा और कर व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा। इन बदलावों का असर खासतौर पर वेतनभोगी कर्मचारियों, कॉरपोरेट सेक्टर और निवेशकों पर पड़ने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक स्पष्ट और वर्तमान जरूरतों के अनुरूप बनाना बताया जा रहा है।

HRA छूट के दायरे में हुआ विस्तार
नए नियमों के तहत हाउस रेंट अलाउंस से जुड़ी छूट में बड़ा बदलाव किया गया है। अब मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई के अलावा हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों को भी उच्च श्रेणी में शामिल किया गया है। इन शहरों में रहने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों को वेतन का 50 प्रतिशत तक HRA छूट मिल सकेगी। अन्य शहरों के लिए यह सीमा 40 प्रतिशत ही बनी रहेगी। यह लाभ केवल पुराने टैक्स सिस्टम को चुनने वाले करदाताओं को मिलेगा।
शिक्षा और हॉस्टल खर्च पर राहत
बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों पर मिलने वाली कर छूट को भी बढ़ाया गया है। पहले जहां शिक्षा भत्ता 100 रुपये प्रति माह था, अब इसे बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह हॉस्टल खर्च पर मिलने वाली छूट 300 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। यह कदम परिवारों के बढ़ते शिक्षा खर्च को ध्यान में रखते हुए उठाया गया माना जा रहा है।
कंपनी की कार पर टैक्स का प्रावधान
नए नियमों में कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई कारों पर टैक्स को लेकर भी स्पष्टता दी गई है। 1.6 लीटर इंजन क्षमता तक की कारों पर प्रति माह 8000 रुपये टैक्स लगाया जाएगा, जबकि इससे बड़े इंजन वाली कारों पर 10,000 रुपये मासिक टैक्स तय किया गया है। यह नियम नए और पुराने दोनों टैक्स सिस्टम में लागू रहेगा।
मील कार्ड और गिफ्ट पर राहत
कर्मचारियों को मिलने वाले मील कार्ड्स की सीमा को बढ़ाकर 200 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है, जिस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। पहले यह सीमा 50 रुपये थी। इसके अलावा, सालाना 15,000 रुपये तक के कॉरपोरेट गिफ्ट कार्ड्स और कूपन पर भी टैक्स छूट दी जाएगी। यह सुविधा भी पुराने टैक्स सिस्टम के अंतर्गत ही उपलब्ध होगी।
भत्तों में संशोधन और बढ़ोतरी
ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े कर्मचारियों के लिए भत्तों की सीमा बढ़ा दी गई है। अब यह सीमा 10,000 रुपये या भत्ते के 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 25,000 रुपये या 70 प्रतिशत कर दी गई है। यह बदलाव उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आ सकता है जो परिवहन क्षेत्र में कार्यरत हैं।
निवेश से जुड़े टैक्स में बदलाव
सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में भी वृद्धि की गई है। फ्यूचर्स पर यह दर 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दी गई है, जबकि ऑप्शंस ट्रांजैक्शन पर यह 0.1 प्रतिशत से बढ़कर 0.15 प्रतिशत हो गई है। यह टैक्स हर खरीद और बिक्री पर लागू होगा, जिससे निवेशकों की लागत बढ़ सकती है।
बायबैक पर नया टैक्स लागू
कंपनियों के बायबैक से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब 1 अप्रैल 2026 से बायबैक के जरिए मिलने वाली राशि पर टैक्स लगाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रमोटर्स को 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रमोटर्स को 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा। यह कदम निवेश से होने वाली आय को कर दायरे में लाने की दिशा में देखा जा रहा है।



