IPO – फ्रैक्टल एनालिटिक्स के पब्लिक इश्यू को पहले दिन मिली ठंडी प्रतिक्रिया
IPO – फ्रैक्टल एनालिटिक्स का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम शेयर बाजार में बेहद सुस्त शुरुआत के साथ सामने आया है। पहले कारोबारी दिन निवेशकों की ओर से इसमें सीमित दिलचस्पी देखने को मिली, जिससे इश्यू का कुल सब्सक्रिप्शन बेहद कम स्तर पर दर्ज हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन यह आईपीओ कुल मिलाकर महज 0.03 गुना ही भर पाया। इससे संकेत मिलते हैं कि मौजूदा बाजार हालात में निवेशक इस पेशकश को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।

सब्सक्रिप्शन आंकड़ों में दिखी कमजोरी
विभिन्न निवेशक श्रेणियों की बात करें तो रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी अपेक्षाकृत कम रही। इस श्रेणी में इश्यू को लगभग 0.11 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की ओर से पहले दिन कोई बोली नहीं आई और यह श्रेणी शून्य पर रही। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का रुझान भी कमजोर रहा, जहां सब्सक्रिप्शन करीब 0.02 गुना दर्ज किया गया। यह मेनबोर्ड इश्यू 11 फरवरी तक निवेश के लिए खुला रहेगा।
प्राइस बैंड और निवेश की न्यूनतम राशि
कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 857 से 900 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 16 शेयर रखे गए हैं, जिसके चलते किसी भी निवेशक को न्यूनतम लगभग 14,400 रुपये का निवेश करना होगा। इसके अलावा कंपनी ने अपने पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 85 रुपये की छूट देने की घोषणा की है, जिससे कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाई गई राशि
यह आईपीओ एंकर निवेशकों के लिए 6 फरवरी को खोला गया था। उस चरण में कंपनी ने करीब 1,248.25 करोड़ रुपये जुटाए। एंकर निवेश से मिलने वाली यह राशि आमतौर पर इश्यू को शुरुआती स्थिरता देने में मदद करती है, हालांकि रिटेल और अन्य श्रेणियों की सुस्त प्रतिक्रिया ने बाजार की धारणा को थोड़ा कमजोर किया है। चूंकि यह मेनबोर्ड आईपीओ है, इसलिए कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों पर प्रस्तावित है।
ग्रे मार्केट से मिले सीमित संकेत
ग्रे मार्केट में भी फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ को लेकर उत्साह कम नजर आ रहा है। बाजार पर नजर रखने वाली रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इश्यू हाल में महज 8 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। इसका अर्थ है कि संभावित लिस्टिंग गेन एक प्रतिशत से भी कम रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि बीते कुछ दिनों में ग्रे मार्केट प्रीमियम में लगातार गिरावट देखी गई है। कभी 180 रुपये तक पहुंच चुका प्रीमियम अब न्यूनतम स्तर पर आ गया है, जो निवेशकों की बदलती धारणा को दर्शाता है।
आईपीओ का कुल आकार और शेयर संरचना
फ्रैक्टल एनालिटिक्स का यह सार्वजनिक निर्गम करीब 2,833.90 करोड़ रुपये का है। इसके तहत कंपनी लगभग 1.14 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है, जबकि करीब 2.01 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बाजार में उतारे जा रहे हैं। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का उपयोग कंपनी अपने व्यवसाय विस्तार और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करने की योजना बना रही है।
लीड मैनेजर और बाजार की भूमिका
कंपनी ने इस आईपीओ के प्रबंधन के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कॉरपोरेशन लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े ही यह तय करेंगे कि बाजार इस पेशकश को किस नजर से देखता है। फिलहाल संकेत यही हैं कि निवेशक मूल्यांकन और संभावित रिटर्न को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।