LPGPrice – घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम स्थिर, जानें आज के नए रेट
LPGPrice- शनिवार को घरेलू रसोई गैस और कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। तेल विपणन कंपनियों ने दोनों श्रेणियों के सिलेंडरों के दाम पहले की तरह ही बनाए रखे हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को एलपीजी की कीमतों में किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ा है। जून में हुई पिछली बढ़ोतरी के बाद से घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर हैं।

प्रमुख शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत
देश के विभिन्न शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत स्थानीय करों और परिवहन लागत के आधार पर अलग-अलग बनी हुई है। शनिवार को नई दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध है। मुंबई में इसकी कीमत 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है। वहीं नोएडा में सिलेंडर 939.50 रुपये, बेंगलुरु में 915.50 रुपये, भुवनेश्वर में 968 रुपये, चंडीगढ़ में 951.50 रुपये, हैदराबाद में 994 रुपये, जयपुर में 945.50 रुपये, लखनऊ में 979.50 रुपये, पटना में 1031 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 951 रुपये निर्धारित है।
कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी पुराने स्तर पर
19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी शनिवार को कोई संशोधन नहीं किया गया। नई दिल्ली में इसकी कीमत 3113.50 रुपये है, जबकि मुंबई में यह 3067.50 रुपये में मिल रहा है। कोलकाता में 3255.50 रुपये, चेन्नई में 3283 रुपये और हैदराबाद में 3367 रुपये प्रति सिलेंडर का रेट लागू है। इसके अलावा बेंगलुरु में 3198 रुपये, गुरुग्राम में 3130 रुपये, नोएडा में 3113.50 रुपये, भुवनेश्वर में 3290 रुपये, चंडीगढ़ में 3136 रुपये, जयपुर में 3141 रुपये, लखनऊ में 3236 रुपये, पटना में 3400 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 3152 रुपये प्रति सिलेंडर की दर बरकरार है।
जून में हुई थी आखिरी मूल्य वृद्धि
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अंतिम बार जून महीने में संशोधन किया गया था। उस समय प्रति सिलेंडर 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले मार्च में भी 60 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा हुआ था। इन दोनों बढ़ोतरी के बाद कई राज्यों और शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 1000 रुपये के पार पहुंच गई, जिससे आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर अतिरिक्त असर पड़ा।
वैश्विक परिस्थितियों का पड़ा असर
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति प्रभावित होने या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने का सीधा असर गैस की लागत पर पड़ता है। आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के लिए भारत ने विभिन्न देशों से आयात बढ़ाने के साथ घरेलू उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया है। इसके अलावा गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया में भी बदलाव किए गए हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 25 दिन और शहरी क्षेत्रों में 45 दिन से पहले नई बुकिंग नहीं की जा सकती, जबकि सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी सत्यापन के आधार पर की जा रही है।