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LPGRates – घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल नहीं हुआ कोई बदलाव…

LPGRates – देशभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें आज भी स्थिर बनी हुई हैं। तेल विपणन कंपनियों ने 6 जून 2026 को घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में कोई संशोधन नहीं किया है। उपभोक्ताओं को फिलहाल पुराने रेट पर ही सिलेंडर मिल रहे हैं। हालांकि इससे पहले जून की शुरुआत में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे, जिसका असर होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों की लागत पर देखने को मिला।

domestic lpg cylinder prices remain unchanged

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत

घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि रसोई गैस की कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है। प्रमुख शहरों में घरेलू सिलेंडर के दाम पहले की तरह ही बने हुए हैं। अलग-अलग राज्यों और शहरों में कर व्यवस्था के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है।

नई दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में उपलब्ध है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये है। बेंगलुरु में उपभोक्ताओं को 915.50 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। हैदराबाद में यह कीमत अन्य शहरों की तुलना में अधिक होकर 965 रुपये है।

कॉमर्शियल सिलेंडर महंगे बने हुए

व्यावसायिक उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। 1 जून को तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 42 से 54 रुपये तक बढ़ाए थे। मार्च 2026 से अब तक इस श्रेणी में कई बार संशोधन किया जा चुका है।

राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3113.50 रुपये है। मुंबई में यह 3067.50 रुपये, जबकि चेन्नई में 3283 रुपये तक पहुंच गई है। हैदराबाद में इसकी कीमत 3367 रुपये दर्ज की गई है, जो प्रमुख शहरों में सबसे अधिक है।

भंडारण क्षमता बढ़ाने पर सरकार का जोर

ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को एलपीजी भंडारण क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सरकार चाहती है कि देश में कम से कम 30 दिनों की एलपीजी आवश्यकता के बराबर भंडारण उपलब्ध रहे।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भविष्य की संभावित आपूर्ति चुनौतियों को देखते हुए रणनीतिक भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपात स्थितियों में भी गैस आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाना है।

आयात पर निर्भरता बनी चुनौती

भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। वैश्विक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर सीधे घरेलू आपूर्ति और लागत पर पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भंडारण क्षमता बढ़ने और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होने से भविष्य में संभावित संकटों का प्रभाव कम किया जा सकेगा।

बुकिंग और वितरण के नियम

एलपीजी वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने कई नियम लागू किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच न्यूनतम 45 दिन का अंतराल निर्धारित है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अवधि 25 दिन रखी गई है।

इसके अलावा उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। वर्तमान व्यवस्था के तहत ओटीपी सत्यापन के बिना गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाती। इन उपायों का उद्देश्य अनियमितताओं और कालाबाजारी पर रोक लगाना है।

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