StarHousing – सीईओ का कार्यकाल समाप्त, कंपनी के शेयर पर बनी निवेशकों की नजर
StarHousing – स्टार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने अपने कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कल्पेश दवे का कार्यकाल समाप्त होने की जानकारी शेयर बाजार को दी है। कंपनी के अनुसार, उनकी नियुक्ति की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद 26 जून 2026 से उनकी सेवाएं समाप्त हो गई हैं। इस घटनाक्रम के बीच कंपनी के शेयर पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है, क्योंकि हाल के कारोबारी सत्र में इसमें गिरावट दर्ज की गई थी।

कंपनी ने नियामकीय सूचना में दी जानकारी
स्टार हाउसिंग फाइनेंस ने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि कल्पेश दवे अब कंपनी की विभिन्न आंतरिक समितियों का भी हिस्सा नहीं रहेंगे। इनमें रिस्क मैनेजमेंट कमिटी, हितधारक संबंध समिति और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समिति शामिल हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव उनकी नियुक्ति की तय शर्तों के अनुरूप किया गया है।
शेयर के प्रदर्शन पर रही नजर
सीईओ के कार्यकाल समाप्त होने की सूचना से पहले कंपनी का शेयर दबाव में दिखाई दिया। सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में यह बीएसई पर करीब 4.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6.60 रुपये पर बंद हुआ था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले 52 सप्ताह में शेयर ने 32.48 रुपये का उच्चतम स्तर और 3.67 रुपये का न्यूनतम स्तर दर्ज किया है।
निवेश प्रस्ताव से जुड़ी प्रक्रिया जारी
पिछले महीने कंपनी ने जानकारी दी थी कि मुंबई स्थित बैसिनविक्टस प्राइवेट लिमिटेड ने स्टार हाउसिंग फाइनेंस में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने में रुचि दिखाई है। प्रस्ताव के अनुसार, सभी आवश्यक नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद कंपनी प्रमोटरों और प्रमुख निवेशक एआरकेफिन इन्वेस्टमेंट एंड एडवाइजर्स लिमिटेड की हिस्सेदारी भी खरीदने की योजना पर काम कर रही है।
नई नेतृत्व टीम की भी है योजना
कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित निवेश के बाद बैसिनविक्टस नई नेतृत्व टीम के गठन और बोर्ड को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा सकती है। इसके तहत बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र के अनुभवी पेशेवरों को बोर्ड में शामिल करने की योजना बताई गई है। हालांकि, यह प्रक्रिया आवश्यक मंजूरियों और अन्य शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगी।
ऋण पुनर्गठन पर भी चल रही कवायद
स्टार हाउसिंग फाइनेंस ने इससे पहले यह भी बताया था कि उसने कुछ वित्तीय संस्थानों की टर्म लोन किस्तों का भुगतान समय पर नहीं किया था। कंपनी के अनुसार, ऋणदाताओं के साथ पुनर्गठन समझौते की दिशा में बातचीत जारी है। प्रस्तावित योजना के तहत भुगतान अवधि बढ़ाने और सीमित समय के लिए ब्याज एवं मूलधन पर राहत देने का प्रावधान शामिल हो सकता है। साथ ही, निवेश प्रक्रिया पूरी होने पर कंपनी में प्रारंभिक पूंजी निवेश का उपयोग बकाया देनदारियों के भुगतान और वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए किया जाएगा।