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StockMarket – विदेशी ऑर्डर मिलते ही किर्लोस्कर फेरस के शेयरों में आया जोरदार उछाल

StockMarket – किर्लोस्कर फेरस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। कंपनी की ओर से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय निर्यात ऑर्डर की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ गई। इसी सकारात्मक खबर के असर से कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 12 प्रतिशत तक चढ़ गया और राष्ट्रीय शेयर बाजार पर सबसे अधिक बढ़ने वाले शेयरों में शामिल हो गया।

kirloskar ferrous shares surge on order

बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद कंपनी का शेयर लगभग 497 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। बाद में भी इसमें मजबूत खरीदारी बनी रही और यह करीब 489 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। हाल के दिनों में भी इस शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में इसमें 18 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक महीने के दौरान भी इसका प्रदर्शन सकारात्मक रहा है।

ब्रिटेन से मिला करोड़ों रुपये का निर्यात ऑर्डर

कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसे ब्रिटेन स्थित एक ग्राहक से लगभग 1.35 करोड़ अमेरिकी डॉलर का ऑर्डर प्राप्त हुआ है। यह अनुबंध पिग आयरन की आपूर्ति से जुड़ा हुआ है और इसे कंपनी के लिए महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपलब्धि माना जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत 30 हजार मीट्रिक टन बेसिक ग्रेड पिग आयरन की आपूर्ति की जाएगी। माल की डिलीवरी निर्धारित शर्तों के अनुसार की जाएगी और भुगतान सुरक्षा के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट की व्यवस्था रखी गई है। कंपनी ने बताया कि अंतिम खेप अगस्त 2026 के मध्य तक भेजे जाने की योजना है।

कंपनी ने हितों के टकराव से किया इनकार

किर्लोस्कर फेरस इंडस्ट्रीज ने स्पष्ट किया है कि यह ऑर्डर एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय ग्राहक से प्राप्त हुआ है। कंपनी के अनुसार इस सौदे में प्रमोटर समूह या उससे जुड़े किसी पक्ष की कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। साथ ही यह लेन-देन संबंधित पक्षों के बीच होने वाले सौदों की श्रेणी में भी शामिल नहीं है।

इस स्पष्टीकरण के बाद निवेशकों के बीच भरोसा और मजबूत हुआ, क्योंकि बाजार में पारदर्शिता को लेकर ऐसी जानकारियां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

चुनौतीपूर्ण माहौल में भी मजबूत रही कमाई

वैश्विक स्तर पर कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और मांग में नरमी के बावजूद कंपनी ने हाल की तिमाहियों में अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन प्रदर्शन बेहतर रहा और लाभप्रदता के प्रमुख संकेतकों में वृद्धि देखने को मिली।

कंपनी ने लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए, जिनका असर उसके वित्तीय परिणामों में दिखाई दिया। समूह स्तर पर भी आय और मुनाफे में सुधार दर्ज किया गया, जिससे कारोबार के विभिन्न क्षेत्रों में मजबूती का संकेत मिला।

मार्च तिमाही में दर्ज हुई तेज बढ़त

मार्च 2026 में समाप्त तिमाही के आंकड़े भी कंपनी के लिए उत्साहजनक रहे। इस दौरान उसकी कुल समेकित बिक्री बढ़कर 1,817 करोड़ रुपये से अधिक हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बेहतर रही। कंपनी ने राजस्व के साथ-साथ मुनाफे में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।

तिमाही के दौरान शुद्ध लाभ में 33 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई और यह 123 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। इसी अवधि में परिचालन लाभ में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। प्रति शेयर आय में सुधार ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है, जो कंपनी की कमाई क्षमता को दर्शाता है।

बाजार की नजर आगे की रणनीति पर

विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी बाजार से मिला नया ऑर्डर कंपनी की निर्यात क्षमता को मजबूत करने वाला कदम साबित हो सकता है। साथ ही हालिया वित्तीय नतीजे यह संकेत देते हैं कि कंपनी चुनौतीपूर्ण कारोबारी परिस्थितियों में भी अपनी लाभप्रदता बनाए रखने में सफल रही है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर कंपनी के ऑर्डर निष्पादन और आगामी तिमाही परिणामों पर बनी रहेगी।

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