TataPower – Salesforce के साथ साझेदारी से ऊर्जा सेवाओं में डिजिटल विस्तार
TataPower – देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों में शामिल टाटा पावर ने अपनी डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अमेरिकी आईटी कंपनी Salesforce के साथ रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है। इस साझेदारी का उद्देश्य कंपनी के तेजी से बढ़ते रूफटॉप सोलर, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क और स्मार्ट होम एनर्जी समाधान को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। इस कदम से कंपनी अपने ग्राहकों और साझेदारों को अधिक सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। इस घोषणा के बीच शेयर बाजार में कंपनी के शेयर शुक्रवार को हल्की गिरावट के साथ 375.45 रुपये के स्तर पर बंद हुए।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेगा स्वच्छ ऊर्जा कारोबार
कंपनी के अनुसार यह सहयोग उसके तेजी से विस्तार कर रहे स्वच्छ ऊर्जा कारोबार को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए किया गया है। टाटा पावर का कहना है कि इस तकनीकी प्लेटफॉर्म के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और डेटा आधारित विश्लेषण का उपयोग कर ऊर्जा सेवाओं को अधिक कुशल बनाया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाना और ऊर्जा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न कार्यों को अधिक पारदर्शी तथा तेज बनाना है। कंपनी का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी सेवाओं को व्यापक स्तर पर लागू करना आसान होगा।
नवीकरणीय ऊर्जा इकाई में लागू होगा नया सिस्टम
कंपनी ने जानकारी दी है कि Salesforce के एजेंटफोर्स सेल्स, एजेंटफोर्स सर्विस और एजेंटफोर्स मार्केटिंग प्लेटफॉर्म को उसकी नवीकरणीय ऊर्जा इकाई टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी में लागू किया गया है। यह प्लेटफॉर्म एआई आधारित वर्कफ्लो के माध्यम से डेटा की स्पष्टता बढ़ाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करेगा।
इसके अलावा यह प्रणाली ग्राहकों को बेहतर डिजिटल अनुभव देने में भी सहायक होगी। एजेंटफोर्स सेल्स और सर्विस प्लेटफॉर्म मिलकर कंपनी के ओमनी चैनल एंगेजमेंट मॉडल को मजबूत बनाएंगे, जिससे ग्राहकों और व्यापारिक साझेदारों के साथ जुड़ाव अधिक प्रभावी हो सकेगा।
ग्राहकों और पार्टनर्स के लिए डिजिटल प्रक्रिया
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों और पार्टनर्स के साथ होने वाली पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें लीड मैनेजमेंट, इन्वेंटरी की उपलब्धता की जानकारी, प्रक्रिया का स्वचालन और रियल टाइम प्रदर्शन निगरानी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
कंपनी का मानना है कि इससे ऊर्जा सेवाओं के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को सेवा प्राप्त करने में कम समय लगेगा। डिजिटल माध्यम से पूरी प्रक्रिया को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने से संचालन भी अधिक प्रभावी हो सकता है।
कंपनी प्रबंधन ने क्या कहा
टाटा पावर के सीईओ और प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा के अनुसार कंपनी देश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए लगातार अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी का फोकस विशेष रूप से रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर है।
कंपनी के अनुसार आवासीय रूफटॉप सोलर सेगमेंट में पिछले दो वित्तीय वर्षों के दौरान 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग और उपभोक्ताओं के बीच इसके प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
तिमाही परिणामों की स्थिति
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में टाटा पावर का शुद्ध लाभ मामूली बढ़त के साथ 1,194 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को लगभग 1,188 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
हालांकि इस अवधि में कंपनी की कुल आय में कुछ गिरावट दर्ज की गई। तिमाही के दौरान कुल राजस्व करीब 10 प्रतिशत घटकर 14,269.08 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 15,793.43 करोड़ रुपये था।
इस दौरान कंपनी के कुल खर्च में भी कमी देखी गई, जो घटकर 13,465.06 करोड़ रुपये रह गया। वहीं चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों, यानी अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग सात प्रतिशत बढ़कर 3,702.04 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,469.28 करोड़ रुपये था।