TeslaModelY – भारत में 6-सीटर नई SUV से वापसी की तैयारी
TeslaModelY – इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला एक बार फिर भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। कंपनी अब अपने लोकप्रिय मॉडल का नया और बड़ा वर्जन पेश करने की तैयारी कर रही है। इस नई SUV को Model Y L नाम दिया गया है, जो लंबी व्हीलबेस और छह सीटों के साथ आएगी। माना जा रहा है कि इसे भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, खासकर उन परिवारों के लिए जो ज्यादा स्पेस और आराम चाहते हैं।

इंपोर्ट मॉडल पर टैक्स बना बड़ी चुनौती
टेस्ला की यह नई SUV फिलहाल चीन के शंघाई स्थित प्लांट में तैयार की जा रही है और वहीं से इसे भारत लाया जाएगा। कंपनी की मौजूदा कारें भी इसी फैक्ट्री से आयात होती हैं। हालांकि, भारत में आयातित गाड़ियों पर लगने वाला भारी टैक्स कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। यहां इंपोर्टेड कारों पर 70 से 110 प्रतिशत तक शुल्क लगता है, जिससे कीमत काफी बढ़ जाती है और आम ग्राहकों तक पहुंच सीमित हो जाती है।
अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही बिक्री
भारतीय बाजार में टेस्ला की अब तक की बिक्री उम्मीद के अनुसार नहीं रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कंपनी केवल कुछ सौ गाड़ियों का ही पंजीकरण करा सकी। मांग को बढ़ाने के लिए कंपनी को अपने मॉडलों पर छूट भी देनी पड़ी थी। शुरुआत में टेस्ला ने हर साल हजारों यूनिट बेचने का लक्ष्य रखा था, लेकिन मौजूदा हालात में यह लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं रहा।
बड़े परिवारों को ध्यान में रखकर नया मॉडल
Model Y L को खासतौर पर उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया जा रहा है, जो ज्यादा सीटिंग कैपेसिटी वाली गाड़ियों को प्राथमिकता देते हैं। भारत जैसे बाजार में जहां बड़ी फैमिली के लिए SUV की मांग अधिक रहती है, वहां यह नया मॉडल कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। छह सीटों का विकल्प इसे अन्य इलेक्ट्रिक SUVs से अलग बनाता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा
दुनियाभर में इलेक्ट्रिक कार बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। हाल के वर्षों में चीनी कंपनी BYD ने वैश्विक बिक्री के मामले में टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है। ऐसे में टेस्ला अपने उत्पादों में बदलाव और नए विकल्पों के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। Model Y L भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कीमत को लेकर अभी भी संशय
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मॉडल की शुरुआती कीमत अपेक्षाकृत कम रखी गई है, लेकिन भारत में टैक्स और आयात शुल्क जुड़ने के बाद इसकी कीमत काफी बढ़ सकती है। यही कारण है कि कंपनी के लिए इसे प्रतिस्पर्धी दाम पर पेश करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। इसके बावजूद, अगर यह मॉडल ग्राहकों की जरूरतों पर खरा उतरता है, तो यह टेस्ला के लिए भारतीय बाजार में नई शुरुआत साबित हो सकता है।