AbhishekKarisma – अभिषेक-करिश्मा की टूटी सगाई पर फिर शुरू हुई पुरानी चर्चा
AbhishekKarisma – बॉलीवुड के चर्चित अधूरे रिश्तों में अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर की सगाई आज भी अक्सर चर्चा में रहती है। दोनों परिवारों ने वर्ष 2002 में सार्वजनिक रूप से इस रिश्ते की घोषणा की थी, लेकिन कुछ ही महीनों बाद सगाई समाप्त हो गई। अब एक वरिष्ठ फिल्म पत्रकार के हालिया साक्षात्कार के बाद इस पुराने मामले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, सगाई टूटने के कारणों पर संबंधित परिवारों की ओर से कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वरिष्ठ पत्रकार ने साझा किया अपना दावा
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में वरिष्ठ फिल्म पत्रकार ज्योति वेंकटेश ने अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर की सगाई टूटने को लेकर अपनी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उस समय कई तरह की बातें सामने आई थीं। उनके अनुसार, चर्चा में एक कथित प्रीनप्चुअल एग्रीमेंट का भी जिक्र था। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत दावा है और इसकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई।
पहले भी सामने आती रही हैं अलग-अलग अटकलें
अभिषेक और करिश्मा की सगाई टूटने के बाद वर्षों से इस विषय पर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में कभी पारिवारिक मतभेदों का जिक्र हुआ तो कभी अन्य कारणों की चर्चा होती रही। लेकिन बच्चन परिवार या कपूर परिवार ने सार्वजनिक रूप से सगाई समाप्त होने की वास्तविक वजह साझा नहीं की। ऐसे में इन दावों को पुष्टि किए गए तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
2002 में हुई थी सगाई की घोषणा
अक्टूबर 2002 में अमिताभ बच्चन के 60वें जन्मदिन के अवसर पर अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर की सगाई की घोषणा की गई थी। उस समय दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंधों की भी चर्चा रही। फिल्म जगत में इस रिश्ते को लेकर काफी उत्साह था, लेकिन जनवरी 2003 में दोनों का रिश्ता समाप्त हो गया और शादी नहीं हो सकी।
बाद में दोनों कलाकारों ने चुनी अलग राह
सगाई टूटने के कुछ समय बाद करिश्मा कपूर ने सितंबर 2003 में उद्योगपति संजय कपूर से विवाह किया। इस विवाह से उनके दो बच्चे हुए। बाद में दोनों का वैवाहिक संबंध भी समाप्त हो गया। दूसरी ओर, अभिषेक बच्चन ने वर्ष 2007 में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय से शादी की। दोनों की एक बेटी आराध्या बच्चन है और वे लंबे समय से पारिवारिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
निजी जीवन को लेकर बनी रहती है दिलचस्पी
फिल्मी हस्तियों के निजी जीवन से जुड़े पुराने प्रसंग समय-समय पर चर्चा में आते रहते हैं। हालांकि, किसी भी रिश्ते के समाप्त होने के कारणों को लेकर जब तक संबंधित पक्ष आधिकारिक रूप से कुछ न कहें, तब तक सार्वजनिक मंचों पर सामने आए दावों को केवल दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस मामले में भी उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से पुराने मीडिया विवरणों और हालिया साक्षात्कारों पर आधारित है।