AshaBhosleFuneral – राजकीय सम्मान के साथ विदा हुईं सुरों की महान गायिका
AshaBhosleFuneral – भारतीय संगीत जगत की दिग्गज आवाज़ आशा भोसले को नम आंखों और पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन की खबर ने देशभर में शोक की लहर पैदा कर दी। मुंबई में हुए अंतिम संस्कार में परिवार, फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक जगत के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। माहौल गमगीन था, और हर किसी की जुबां पर बस एक ही बात थी—संगीत की एक युग का अंत हो गया।

परिवार ने निभाई अंतिम रस्में
अंतिम संस्कार की सभी रस्में उनके बेटे आनंद भोसले ने पूरी कीं। मां को मुखाग्नि देते समय वह भावुक हो उठे और खुद को संभाल पाना उनके लिए मुश्किल हो गया। वहीं पोती जेनाई भी इस गहरे दुख में बिखरी हुई नजर आईं। परिवार के बाकी सदस्य भी इस क्षण को भारी मन से देख रहे थे, जहां एक महान कलाकार को अंतिम विदाई दी जा रही थी।
बहन उषा मंगेशकर की नम आंखें
इस दुखद मौके पर आशा भोसले की छोटी बहन उषा मंगेशकर भी श्मशान घाट पहुंचीं। अपनी बड़ी बहन को अंतिम बार देखने के दौरान उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। दोनों बहनों का रिश्ता सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं था, बल्कि संगीत की साझा यात्रा ने उन्हें और भी करीब कर दिया था। यह पल उनके लिए बेहद भावनात्मक रहा।
सुरों के जरिए दी गई श्रद्धांजलि
अंतिम विदाई के दौरान कई कलाकारों ने उन्हें अपने-अपने तरीके से श्रद्धांजलि दी। गायक अनूप जलोटा ने ‘उड़ जाएगा हंस अकेला’ गाकर माहौल को और भावुक बना दिया। वहीं शान ने ‘प्यार के मोड़ पर’ और ‘अभी न जाओ छोड़कर’ जैसे गीत गुनगुनाकर उन्हें याद किया। इन सुरों में सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि सम्मान और भावनाएं भी झलक रही थीं।
फिल्म जगत की मौजूदगी
आशा भोसले को अंतिम विदाई देने के लिए फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम भी पहुंचे। आमिर खान, विवेक ओबेरॉय और विक्की कौशल जैसे कलाकार श्मशान घाट पर नजर आए और उन्होंने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। संगीतकार अनु मलिक, जो उन्हें मां समान मानते थे, बेहद भावुक दिखे। अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे भी इस मौके पर मौजूद रहीं।
राजनीतिक नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सिर्फ फिल्मी दुनिया ही नहीं, राजनीतिक क्षेत्र से भी कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे शिवाजी पार्क पहुंचे और पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। सभी ने उनके योगदान को भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बताया।
बीमारी और निधन की वजह
निधन से पहले आशा भोसले की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई थी। उनकी पोती जेनाई ने सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि उन्हें थकान और सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में उनके बेटे ने उनके निधन की पुष्टि की। डॉक्टरों के अनुसार, उनका निधन मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ।
संयोग जिसने सभी को चौंकाया
एक दिलचस्प और भावुक करने वाला संयोग भी सामने आया। आशा भोसले की बड़ी बहन लता मंगेशकर का निधन भी 92 वर्ष की आयु में और रविवार के दिन मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ था। आशा भोसले ने भी उसी उम्र में, उसी कारण और उसी दिन दुनिया को अलविदा कहा। इस समानता ने लोगों को और भी भावुक कर दिया।



