Govinda – डेविड धवन से अलग होने पर पहली बार बोले अभिनेता…
Govinda ने अपने लंबे फिल्मी करियर में रोमांस, कॉमेडी और नकारात्मक भूमिकाओं समेत कई तरह के किरदार निभाए हैं। खास तौर पर 1990 के दशक में उनकी कॉमेडी फिल्मों ने दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई। इसी दौर में निर्देशक डेविड धवन के साथ उनकी जोड़ी बेहद सफल रही और दोनों ने लगातार कई चर्चित फिल्मों में काम किया। हालांकि, बाद में दोनों ने साथ काम करना बंद कर दिया। अब एक इंटरव्यू में गोविंदा ने इस पेशेवर दूरी की वजह पर खुलकर बात की और कहा कि वह इस साझेदारी को आगे भी जारी रखना चाहते थे।

17 फिल्मों तक चला साथ
गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी ने ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर 1’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’ समेत कई फिल्मों में साथ काम किया। इन फिल्मों में हास्य, गीत-संगीत और गोविंदा की खास कॉमिक टाइमिंग को दर्शकों ने खूब पसंद किया। अभिनेता के मुताबिक, दोनों ने कुल 17 फिल्मों में साथ काम किया था और वह इस सहयोग को आगे बढ़ाने के इच्छुक थे।
एक इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा कि एक समय डेविड धवन को लगा कि अब वह उनके साथ आगे काम नहीं कर पाएंगे। अभिनेता ने बताया कि वह 18वीं और 19वीं फिल्म भी साथ करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। गोविंदा के अनुसार, उन्होंने डेविड के फैसले को उनकी अपनी सोच के तौर पर स्वीकार किया और इस बात को लेकर उनके मन में कोई संदेह नहीं रहा।
पेशेवर दूरी के बावजूद रिश्ता कायम
गोविंदा ने यह भी साफ किया कि काम का रिश्ता खत्म होने का असर उनके निजी संबंध पर पूरी तरह नहीं पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ मौकों पर वह डेविड धवन से नाराज भी हुए और उन्हें फोन किया। अभिनेता के मुताबिक, डेविड उनकी नाराजगी को समझ जाते थे।
गोविंदा ने बातचीत के दौरान डेविड को अच्छा और सच्चा इंसान बताते हुए कहा कि आज भी जब उनसे जुड़े विषय सामने आते हैं तो निर्देशक भावुक हो जाते हैं। अभिनेता की बातों से यह संकेत मिलता है कि लंबे समय तक साथ काम करने के बाद दोनों के बीच पेशेवर मतभेद जरूर आए, लेकिन व्यक्तिगत जुड़ाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
डेविड की फिल्म के बाद भी हुई बातचीत
गोविंदा ने डेविड धवन की हालिया फिल्म के संदर्भ में भी एक बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले उन्होंने निर्देशक को फोन किया था और उनसे मिलने की इच्छा जताई थी। इसके बाद फिल्म रिलीज होने पर डेविड ने उन्हें फोन किया और उनकी व्यक्तिगत परेशानियों से बाहर निकलने की बात कही।
अभिनेता के इस बयान से यह भी सामने आया कि दोनों के बीच लंबे समय से फिल्में साथ न करने के बावजूद संपर्क के कुछ रास्ते बने रहे। हालांकि, भविष्य में दोनों किसी फिल्म में फिर साथ दिखाई देंगे या नहीं, इसे लेकर गोविंदा ने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की।
कादर खान की याद भी साझा की
इसी बातचीत में गोविंदा ने दिवंगत अभिनेता और लेखक कादर खान के साथ अपने काम के अनुभव को भी याद किया। दोनों ने कई फिल्मों में साथ अभिनय किया और उनकी जोड़ी ने खास तौर पर कॉमेडी फिल्मों में दर्शकों का मनोरंजन किया। गोविंदा ने बताया कि कादर खान की संवाद अदायगी और काम करने की शैली को समझने से उन्हें अपने प्रदर्शन में काफी मदद मिली।
अभिनेता के अनुसार, कादर खान एक खास लय में संवाद और अभिनय करते थे। शुरुआत में उस शैली को समझने में उन्हें थोड़ा समय लगा, लेकिन बाद में दोनों के बीच अच्छा तालमेल बन गया। गोविंदा ने एक भावुक प्रसंग याद करते हुए बताया कि कादर खान ने कभी उनका हाथ चूमकर उनकी प्रतिभा की तारीफ की थी।
कई फिल्मों में साथ नजर आई जोड़ी
गोविंदा और कादर खान ने ‘कुली नंबर 1’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘दूल्हे राजा’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘हसीना मान जाएगी’, ‘अनाड़ी नंबर 1’ और ‘आंटी नंबर 1’ जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया। उनकी स्क्रीन केमिस्ट्री और हास्य शैली को 1990 के दशक की लोकप्रिय हिंदी फिल्मों के दौर में खूब सराहा गया। गोविंदा के ताजा बयान में डेविड धवन और कादर खान, दोनों के साथ उनके अलग-अलग पेशेवर अनुभवों की झलक देखने को मिली।
निष्कर्ष
डेविड धवन के साथ गोविंदा की जोड़ी हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेता-निर्देशक साझेदारियों में गिनी जाती है। दोनों के बीच फिल्मों का सिलसिला 17 परियोजनाओं तक चला, लेकिन बाद में यह सहयोग आगे नहीं बढ़ पाया। गोविंदा ने अब बताया है कि वह इस साझेदारी को जारी रखना चाहते थे, जबकि डेविड ने अलग दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके बावजूद अभिनेता ने निर्देशक के प्रति सम्मान और व्यक्तिगत लगाव बनाए रखने की बात कही है।