RaaziControversy – फिल्म को लेकर लेखक हरिंदर सिक्का ने लगाए गंभीर आरोप
RaaziControversy – फिल्म ‘राजी’ को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। इस बार मामला फिल्म की मूल कहानी लिखने वाले लेखक हरिंदर सिंह सिक्का के बयान के बाद चर्चा में है। उन्होंने फिल्म की निर्देशक मेघना गुलजार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि फिल्म में उनकी किताब की मूल भावना को बदला गया। एक इंटरव्यू के दौरान सिक्का ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि फिल्म के निर्माण के दौरान कई ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे वह सहमत नहीं थे।
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तिरंगे की अनुपस्थिति पर जताई आपत्ति
हरिंदर सिक्का ने आरोप लगाया कि फिल्म में भारतीय ध्वज को प्रमुखता से नहीं दिखाया गया, जबकि पाकिस्तान के झंडे को दर्शाया गया। उनका कहना है कि उनकी किताब में देशभक्ति के कई महत्वपूर्ण पहलू थे, जिन्हें फिल्म में या तो नजरअंदाज कर दिया गया या बदल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कहानी के कुछ हिस्सों को इस तरह प्रस्तुत किया गया, जिससे मूल संदेश कमजोर पड़ता है।
कहानी में बदलाव को लेकर असहमति
लेखक का कहना है कि फिल्म में कई ऐसे बदलाव किए गए, जो उनकी मूल रचना से अलग थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि किताब में जहां नायिका के भारत लौटने पर एक विशेष भावनात्मक दृश्य था, उसे फिल्म में शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म के क्लाइमेक्स को इस तरह दिखाया गया, जिससे कहानी का मूल दृष्टिकोण बदल गया।
निर्देशन प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल
सिक्का ने यह भी कहा कि फिल्म निर्माण के दौरान उन्हें पूरी तरह शामिल नहीं किया गया। उनके अनुसार, फिल्म का अंतिम संस्करण उन्हें नहीं दिखाया गया, जबकि अन्य पक्षों के साथ इसे साझा किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि शुरुआत में उनके साथ संवाद अलग तरह का था, लेकिन बाद में व्यवहार में बदलाव आया।
गीत और शीर्षक को लेकर भी नाराजगी
लेखक ने फिल्म के गीत और शीर्षक को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि फिल्म का नाम बदलना उनकी सहमति के बिना हुआ। साथ ही, एक गीत को लेकर उन्होंने कहा कि उसमें देश के नाम का उल्लेख नहीं किया गया, जिसे लेकर वह असहज थे। उनके मुताबिक, ये बदलाव उनकी मूल रचना की भावना के अनुरूप नहीं थे।
फिल्म की सफलता और लेखक की प्रतिक्रिया
हालांकि ‘राजी’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था और दर्शकों से सराहना भी मिली थी, लेकिन लेखक का मानना है कि व्यावसायिक सफलता के बावजूद फिल्म उनकी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहा कि उनके लिए कहानी की आत्मा अधिक महत्वपूर्ण थी, जिसे वह फिल्म में पूरी तरह नहीं देख पाए।