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मनोरंजन

TVRatings – रामायण बनाम महाभारत, जानिए किस शो ने रचा इतिहास…

TVRatings – दूरदर्शन के स्वर्णिम दौर की बात हो और रामायण व महाभारत का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। ये दोनों धारावाहिक सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि देशभर के करोड़ों दर्शकों की भावनाओं से जुड़ गए। रविवार की सुबह सड़कों का सूना हो जाना और घर-घर में टीवी के सामने जुटी भीड़ उस दौर की खास पहचान थी। हालांकि, अक्सर यह सवाल उठता है कि इन दोनों लोकप्रिय धारावाहिकों में से किसने दर्शकों के बीच ज्यादा प्रभाव छोड़ा और टीआरपी के मामले में कौन आगे रहा।

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महाभारत ने टीआरपी के मामले में बनाया बड़ा रिकॉर्ड

टीआरपी के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीआर चोपड़ा की महाभारत ने रामायण को पीछे छोड़ दिया था। महाभारत ने न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। यही वजह रही कि इस शो का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। यह उपलब्धि उस समय के लिए बेहद खास मानी जाती है, जब टेलीविजन का दायरा सीमित था और तकनीक आज जितनी उन्नत नहीं थी।

शुरुआती और अंतिम एपिसोड की रेटिंग ने चौंकाया

महाभारत में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान ने एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि शो के पहले और आखिरी एपिसोड की टीआरपी बेहद असाधारण रही थी। उनके अनुसार, जहां रामायण के शुरुआती एपिसोड की रेटिंग लगभग 34 प्रतिशत थी और अंतिम एपिसोड तक यह करीब 78 प्रतिशत पहुंची, वहीं महाभारत ने शुरुआत में ही लगभग 79 प्रतिशत टीआरपी हासिल कर ली थी। इतना ही नहीं, इसके अंतिम एपिसोड की टीआरपी करीब 99.6 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

गिनीज बुक में दर्ज होने की वजह

महाभारत की असाधारण लोकप्रियता ही उसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स तक ले गई। उस दौर में दुनिया के लोकप्रिय शोज़ जैसे ‘डायनैस्टी’ और ‘डैलस’ की टीआरपी भी 80 प्रतिशत के आसपास थी, लेकिन महाभारत ने उन्हें भी पीछे छोड़ दिया। इस तरह यह धारावाहिक न सिर्फ भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दर्शकों की पसंद बन गया।

भव्यता और कहानी ने बनाया खास

महाभारत की सफलता के पीछे इसकी भव्य प्रस्तुति, मजबूत कहानी और कलाकारों की सशक्त अभिनय शैली को बड़ा कारण माना जाता है। गजेंद्र चौहान के अनुसार, शो की टीम ने हर पहलू पर गंभीरता से काम किया, जिससे दर्शकों को कहानी से जुड़ाव महसूस हुआ। पात्रों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली थी कि लोग उन्हें अपने जीवन से जोड़कर देखने लगे थे।

प्रसारण काल और कलाकारों की भूमिका

महाभारत का प्रसारण 1988 से 1990 के बीच हुआ था और इसमें कई दिग्गज कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। भीष्म के रूप में मुकेश खन्ना, श्रीकृष्ण के रूप में नितीश भारद्वाज और द्रौपदी के रूप में रूपा गांगुली जैसे कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। यही कारण है कि आज भी यह शो याद किया जाता है और इसकी लोकप्रियता बरकरार है।

आज भी कायम है इन शोज़ का असर

समय बदलने के साथ मनोरंजन के साधन भले ही आधुनिक हो गए हों, लेकिन रामायण और महाभारत की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। आज भी जब ये शो दोबारा प्रसारित होते हैं, तो नई पीढ़ी भी उतनी ही दिलचस्पी से इन्हें देखती है। यह साबित करता है कि मजबूत कहानी और सशक्त प्रस्तुति समय की सीमाओं से परे होती है।

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