HeartAttackWarning – दिल के दौरे से पहले शरीर देता है ये बड़े और डरावने संकेत
HeartAttackWarning – आज की तेज रफ्तार जिंदगी, असंतुलित खानपान और लगातार बढ़ता तनाव लोगों की सेहत पर गहरा असर डाल रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में हार्ट अटैक के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। चिंताजनक बात यह है कि अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। अमेरिका के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कुणाल सूद ने हाल ही में साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि कार्डियक अरेस्ट अचानक होने वाली घटना नहीं है। शरीर इससे पहले कई संकेत देता है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

पैरों में सूजन को हल्के में न लें
डॉ. सूद के मुताबिक, दिन के अंत तक टखनों या पैरों के निचले हिस्से में सूजन दिखना सामान्य थकान का परिणाम नहीं भी हो सकता। कई मामलों में यह शरीर में तरल पदार्थ के जमा होने का संकेत होता है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में एडिमा कहा जाता है। जब हृदय प्रभावी ढंग से रक्त पंप नहीं कर पाता, तो तरल पदार्थ निचले अंगों में इकट्ठा होने लगता है। यह स्थिति केवल हृदय ही नहीं, बल्कि किडनी की समस्या से भी जुड़ी हो सकती है। यदि सूजन लगातार बनी रहे या बढ़ती जाए, तो चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
धड़कन का अनियमित होना चेतावनी
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के दिल की धड़कन तेज हो जाए या लय बिगड़ती महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एरिदमिया का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में दिल सामान्य लय में नहीं धड़कता। फिब्रिलेशन इसका एक सामान्य प्रकार है, जिसमें दिल बहुत तेजी और असामान्य तरीके से धड़कता है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी अनियमित धड़कन स्ट्रोक और हार्ट फेल्योर के खतरे को बढ़ा सकती है। इसलिए बार-बार होने वाली धकधक को सामान्य समझकर टालना सही नहीं है।
सीने का दर्द जो फैलने लगे
सीने में दबाव, भारीपन या जलन जैसी अनुभूति कई बार गैस समझ ली जाती है। लेकिन यदि यह दर्द हाथों, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलने लगे, तो सतर्क हो जाना चाहिए। डॉ. सूद के अनुसार, यह एंजाइना या संभावित हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। कई मरीज इसे सीने पर वजन रखे जाने जैसा अनुभव बताते हैं। खासतौर पर यदि यह दर्द शारीरिक गतिविधि या तनाव के दौरान शुरू हो और आराम करने पर भी ठीक न हो, तो तुरंत जांच कराना आवश्यक है। ऐसे लक्षणों को अनदेखा करना जोखिम भरा हो सकता है।
तेज धड़कन के साथ बेहोशी
अगर किसी व्यक्ति को तेज धड़कन के बाद चक्कर या बेहोशी महसूस हो, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञ इसे कार्डियक सिंकोप की स्थिति बताते हैं। यह टैकीकार्डिया या हृदय की मांसपेशियों से जुड़ी अन्य जटिलताओं से संबंधित हो सकता है। बेहोशी को अक्सर कमजोरी या थकान समझ लिया जाता है, लेकिन यदि यह दिल की धड़कन में बदलाव के साथ जुड़ी हो, तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
नाड़ी का अचानक तेज और असामान्य होना
अपनी नाड़ी का तेज और अनियमित चलना भी एक अहम संकेत हो सकता है। खासकर यदि पहले ऐसा अनुभव न हुआ हो। डॉक्टरों के अनुसार, यह एट्रियल फिब्रिलेशन से जुड़ा हो सकता है, जो दुनिया भर में पाई जाने वाली आम हार्ट रिदम डिसऑर्डर में से एक है। इस स्थिति में स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। इसलिए अगर नाड़ी की गति अचानक असामान्य लगे, तो इसे सामान्य मानकर टालना ठीक नहीं है।
समय पर पहचान ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय संबंधी समस्याओं में समय सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है। शरीर के शुरुआती संकेतों को समझना और समय रहते जांच कराना गंभीर परिणामों से बचा सकता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



