SugarHealthRisk – बेहद खतरनाक है रोजमर्रा की चीनी से बढ़ता बीमारी का खतरा
SugarHealthRisk – बदलती जीवनशैली के साथ हमारी थाली भी बदल गई है, और शायद यही बदलाव कई नई स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ बनता जा रहा है। आजकल खानपान में ऐसी चीजें शामिल हो गई हैं जो स्वाद तो बढ़ाती हैं, लेकिन लंबे समय में शरीर पर भारी पड़ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक सामान्य दिखने वाली सफेद चीज, जो लगभग हर घर में रोज इस्तेमाल होती है, धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स के अनुसार अत्यधिक चीनी का सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

चीनी क्यों बन रही है चिंता का कारण
डॉक्टरों के मुताबिक, रिफाइंड चीनी शरीर में तेजी से घुलकर रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाती है। लगातार ज्यादा मात्रा में सेवन करने से इंसुलिन रेसिस्टेंस की स्थिति पैदा हो सकती है। यही स्थिति आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाती है। कई लोग सीधे तौर पर चीनी कम कर देते हैं, लेकिन पैक्ड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के जरिए अनजाने में अधिक मात्रा में शुगर ले लेते हैं।
छिपी हुई शुगर से सावधान
समस्या सिर्फ मिठाई या चाय की चीनी तक सीमित नहीं है। बाजार में मिलने वाले कई उत्पाद ऐसे हैं, जिनमें अतिरिक्त शुगर मिलाई जाती है। पैकेजिंग पर ‘नो एडेड शुगर’ जैसे दावे लिखे होते हैं, लेकिन पोषण संबंधी जानकारी पढ़ने पर वास्तविकता कुछ और निकल सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लेबल ध्यान से पढ़ें और ‘हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप’ या अन्य शुगर आधारित तत्वों की पहचान करें।
टोमैटो सॉस और प्रोसेस्ड सॉस
टोमैटो सॉस को अक्सर हल्का और सामान्य समझकर परोसा जाता है। लेकिन कई ब्रांडेड सॉस में शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है। एक चम्मच सॉस में उतनी ही शक्कर हो सकती है, जितनी आप सीधे एक चम्मच चीनी से लेते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन कुल शुगर इनटेक को बढ़ा सकता है।
कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड जूस
सॉफ्ट ड्रिंक और कोला पेय पदार्थ लंबे समय से स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता का विषय रहे हैं। इनमें शुगर की मात्रा अधिक होती है, जिससे मोटापा और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। कुछ लोग ‘शुगर फ्री’ विकल्प चुनते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक प्रोसेस्ड पेय पदार्थों से दूरी बनाना बेहतर है। पैकेज्ड फ्रूट जूस भी अक्सर फ्रक्टोज से भरपूर होते हैं, जो लिवर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। पूरे फल खाना जूस पीने की तुलना में ज्यादा लाभकारी माना जाता है।
फ्लेवर्ड योगर्ट की सच्चाई
दही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, खासकर यदि वह घर पर बना हो। लेकिन बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड योगर्ट में अक्सर अतिरिक्त शुगर मिलाई जाती है। स्वाद बढ़ाने के लिए डाले गए तत्व इसे मिठाई जैसा बना देते हैं। नियमित सेवन से अनजाने में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है।
संतुलन ही समाधान
विशेषज्ञों की सलाह है कि पूरी तरह किसी एक खाद्य पदार्थ को दोष देने के बजाय संतुलित आहार अपनाया जाए। घर का बना भोजन, ताजे फल-सब्जियां और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प हैं। लेबल पढ़ने की आदत और शुगर की मात्रा पर नजर रखना भविष्य में गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है।]



